बिहार में बापू का उड़ा मजाक, किसने पहना दी उनको टोपी?
बिहार के जहानाबाद में किसी ने राष्ट्रपिता को ही टोपी पहना कर मुख्यमंत्री सहित उन हर बिहार निवासियों को अपमानित किया है।
पटना। कौन है वह जिसने बापू को ही पहना दी टोपी? हालांकि बापू को टोपी पहनाने वाले मामले की जांच की जा रही है आखिरकार किसने इन्हें टोपी पहनाई । पर बिहार की जांच तो जांच ही है। कब खत्म होगी जांच इसका अंदाजा नहीं जांच के बाद यह मामला सामने आएगा या कागजों में ही टाइप हो जाएगा यह तो बाद की बात है। पर जिस राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 'गांधी टोपी' की चर्चा संपूर्ण विश्व में आज तक होती है, देश के बुजुर्ग नेता आज तक 'गांधी टोपी' पहन कर अपने को गौरवान्वित महसूस करते हैं। लेकिन जहानाबाद जिला मुख्यालय में किसी शरारती तत्व ने उस महान आत्मा को ही 'टोपी पहना'दिया। अगर यह टोपी गांधी टोपी होती तो बात कुछ और पर जहानाबाद परिसदन के ठीक सामने गांधी मैदान के मुख्य द्वार पर स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा के माथे पर किसी ने उनके माथे पर एक ब्रांडेड ऊनी टोपी पहना दी।

किसी सज्जन जो गांधी जी के विचारों और उनकी महानता से प्रभावित होकर इस कड़ाके की ठंढ में महात्मा को ठंढ से बचाने के लिए अगर उन्हें टोपी पहनाई हो। या फिर किसी शरारती तत्व ने ऐसा काम किया है तो जिला प्रशासन को वैसे तत्व की खोज कर उसे सजा देनी चाहिए। किसी महान आत्मा की मूर्ति के साथ इस तरह की छेड़छाड़ करना उचित नहीं है । एक तरफ जहां बिहार सरकार और माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महात्मा गांधी के सिखाए आदर्श और सिद्धांतों पर चलकर बिहार में शराबबंदी और आगामी 21 जनवरी को पूरे राज्य में शराबबंदी के समर्थन में पूरे राज्य में मानव श्रृंखला बनाए जाने की घोषणा की है और पूरे राज्य में जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही है।
वहीं जहानाबाद में किसी ने 'राष्ट्रपिता' को ही टोपी पहना कर मुख्यमंत्री सहित उन हर बिहार निवासियों को अपमानित किया है जो राष्ट्रपिता के अनुयायी हैं। वहीं जब इस मामले की जानकारी जब एसपी आदित्य कुमार मिली तो उन्होंने तुरंत इस मामले पर संज्ञान लेते हुए नगर थाना को इसकी जानकारी देते हुए तुरंत टोपी हटाने का निर्देश दिया तब जाकर देर रात पुलिस ने 'राष्ट्रपिता' के माथे पर पहनाए गए टोपी को उतारा। उसके बाद नगर थाने की पुलिस ने बापू को टोपी पहनाने वाले की खोज करना शुरु कर दिया और मामले की जांच में लग गए पर आज तक जांच पूरी नहीं हुई है। ये भी पढ़ें: अपनी कुर्सी बचाने के फेर में लगे है लालू के लाल 'तेज'












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