'मैं रहूं ना रहूं, लेकिन ये गीत मेरा अंतिम उपहार रहेगा, ऑक्सीजन सपोर्ट पर Sharda Sinha ने बेटे से की ये फरमाइश
Sharda Sinha Last Video: अपने छठ गीतों से लोगों के दिलों में जगह बनाने वाली बिहार कोकिला शारदा सिन्हा अब हमारे बीच नहीं हैं। 72 साल की शारदा सिन्हा का मंगलवार रात दिल्ली AIIMS में निधन हो गया। इस बीच उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे ऑक्सीजन सपोर्ट में भी अस्पताल के बेड पर बैठकर 'सैयां निकस गए,मैं ना लड़ी थी' गीत गुनगुना रही हैं।
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शारदा सिन्हा के रिश्तेदार रंजीत निर्गुणी ने बताया कि 'ये वीडियो दुर्गा पूजा के दौरान का है। AIIMS में एडमिट होने के पहले शारदा सिन्हा को दिल्ली के ILBS हॉस्पिटल में 7 दिनों के लिए एडमिट किया गया था तब भी वो ऑक्सीजन सपोर्ट होने के बावजूद रियाज करती रहीं।'

संगीत प्रेमियों के लिए यह वीडियो भावुक कर देने वाला है, जहां वह अपनी अंतिम घड़ी में भी संगीत से जुड़ी रहीं। शारदा सिन्हा का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वे अपनी आखिरी गीत, "दुखवा मिटाईं छठी मइया....रउए आसरा हमार...सबके पुरवेली मनसा...हमरो सुनलीं पुकार" की शूटिंग करते नजर आ रही हैं।
एक निजी चैनल से बात करते हुए उनके बेटे अंशुमान ने बताया कि 'मां और छठ एक दूसरे के पर्याय हैं। छठ उनके दिल के बेहद करीब है। इसलिए वो हर साल कुछ ना कुछ अपने दर्शकों के लिए जरूर लाती हैं। इस बार भी उन्होंने ICU से नया गाना रिलीज करने के लिए कहा था। मां ने कहा, 'मैं रहूं ना रहूं, लेकिन ये गीत मेरा अंतिम उपहार रहेगा। इस ऑडियो को रिलीज कर दो।'
शारदा सिन्हा के निधन से बिहार समेत पूरे देश में शोक की लहर है। नेता से लेकर अभिनेता तक शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। सभी ने इसे संगीत जगत के लिए अपूरणीय छति बताया है। उन्होंने कहा कि हर शुभ अवसर पर अपने गीत से लोगों को खुशी देने वाली बिहार की कोकिला सब को ग़म देकर चली गई।












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