Bihar News: असम से 2 बार के सांसद ने अचानक बिहार में भरा नामांकन, कहा- PM Modi वाराणसी से तो, मैं...
Bihar Lok Sabha Chunav 2024: बिहार की वाल्मीकिनगर लोकसभा सीट पर एनडीए और इंडिया गठबंधन की मुश्किलें एक प्रत्याशी ने बढ़ा दी है। कोकराझार (असम) के सांसद नबा कुमार सरानिया ने सोमवार को बिहार आकर नामांकन पत्र दाखिल किया।
कोकराझार सांसद ने राजीव कुमार सिंह (निर्वाची पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता) के पास समक्ष गण सुरक्षा पार्टी उम्मदवार के तौर पर पर्चा दाखिल किया। आपको बता दें कि नबा कुमार सरानिया समक्ष गण सुरक्षा पार्टी के संस्थाक हैं।

असम के कोकराझार लोकसभा क्षेत्र से नबा कुमार सरानिया दो बार सांसद चुने जा चुके हैं। 2014 में उनके सिर जीत का सेहरा सजा। इसके बाद 2019 में उन्होंने 2019 में प्रमिला रानी ब्रह्मा (बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद प्रत्याशी) को 37 हज़ार 786 वोटों से हराया था। नबा कुमार सरानिया को 4 लाख 84 हजार 560 वोट मिले थे।
नबा कुमार सरानिया (दिघलीपार गांव, बक्सा जिला, असम) का ताल्लुक उल्फा (यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट आफ असम) से भी रहा है। वह 709 बटालियन के कमांडर भी रह चुके हैं। नबा सरानिया ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को सामाज में अच्छी पहचान दिलानी है।
असम में कुछ तकनीकी वजहों से उनका नामांकन रद्द हो गया। उन्होंने कहा कि अगर देश के पीएम नरेन्द्र दामोदर दास मोदी बनारस जाकर, वहां से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। तो मैं बिहार के वाल्मीकिनगर लोकसभा सीट से चुनाव क्यों नहीं लड़ सकता?
वाल्मीकिनगर लोकसभा सीट से जदयू नेता सुनील कुमार एनडीए समर्थित उम्मीदवार के तौर पर चुनावी दांव खेल रहे हैं। वहीं महागठबंधन की तरफ़ से राजद नेता दीपक यादव चुनावी मैदान में हैं। बाहर से आये प्रत्याशी की वजह दोनों की मुश्किलें बढ़ती हुईं नज़र आ रही हैं।
इस बार जनता के बीच तीसरे विकल्प को लेक ज्यादा ही दिलचस्पी है। इसलिए राजद और जदयू के लिए सरानिया चुनौती साबित हो सकते हैं। वहीं दोनों गठबंधनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि बाहर से आए प्रत्याशी चुनौती नहीं है। जनता अपने स्थानीय को प्रतिनिधित्व देना चाहती है।












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