बिहार चुनाव से पहले तेजस्वी यादव पर FIR, PM मोदी को लेकर आखिर ऐसा क्या लिखा था? मामला थाना-पुलिस तक पहुंच गया
RJD Leader Tejashwi Yadav FIR: बिहार चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में तेजस्वी यादव के खिलाफ एक आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर स्थानीय भाजपा विधायक मिलिंद नारोटे की शिकायत पर गढ़चिरौली पुलिस ने दर्ज की।
तेजस्वी यादव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर 'आपत्तिजनक' पोस्ट साझा करने का आरोप है। असल में पीएम नरेंद्र मोदी 22 अगस्त को बिहार के गयाजी में पहुंचे थे। पीएम मोदी के इसी कार्यक्रम को लेकर तेजस्वी यादव ने कुछ ऐसा पोस्ट किया, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ गया और अब मामला थाने तक पहुंच गया है। आइए जानें आखिर पीएम मोदी के खिलाफ वो पोस्ट क्या था?

एफआईआर की कॉपी के मुताबिक कथित आपत्तिजनक पोस्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बिहार के गया जी जिले की यात्रा को लेकर की गई थी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने राज्य के लिए 13,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था।
तेजस्वी यादव का पीएम मोदी के खिलाफ 'आपत्तिजनक' पोस्ट क्या था?
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गया रैली को लेकर एक कार्टून पोस्ट किया। कार्टून में पीएम मोदी को एक दुकानदार दिखाया गया था। दुकान के बोर्ड पर लिखा था - "झूठ और जुमलों की मशहूर दुकान"।
इस पोस्ट के साथ तेजस्वी यादव ने लिखा,
''आज गया में लगेगी झूठ और जुमलों की दुकान! प्रधानमंत्री जी, गया में बिना हड्डी की जुबान से आज झूठ और जुमलों का हिमालय खड़ा करेंगे लेकिन बिहार के न्यायप्रिय जनता दशरथ मांझी की तरह उनके झूठ और जुमलों के इन विशाल पहाड़ों को तोड़ देगी। 11 साल अपनी और 20 वर्षों की एनडीए सरकार के 20 सालों का हिसाब दो?''
तेजस्वी यादव का FIR पर बड़ा बयान: 'सच बोलने से नहीं डरते, 'जुमला' कहना भी अब अपराध हो गया'
तेजस्वी यादव ने FIR पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "FIR से डरने वाले हम नहीं हैं। अब तो 'जुमला' शब्द कहना भी अपराध बना दिया गया है। वे लोग सच से घबराते हैं, लेकिन हम न सच बोलने से डरते हैं और न ही किसी FIR से।"
कौन-कौन से धाराओं में तेजस्वी के खिलाफ मामला दर्ज?
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, तेजस्वी यादव पर मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ है:
- धारा 196 - विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी फैलाना
- धारा 356 - मानहानि (Defamation)
- धारा 352 - जानबूझकर अपमान करना जिससे शांति भंग हो
- धारा 353 - सार्वजनिक उपद्रव फैलाने वाले बयान
गया रैली में PM मोदी का पलटवार
बिहार के बोधगया में हुई रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और राजद पर जोरदार हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके साथी दल बिहार को सिर्फ वोट बैंक मानते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस के एक मुख्यमंत्री ने पहले कहा था कि "बिहारी हमारे राज्य में नहीं घुसने पाएंगे।"
मोदी का इशारा पूर्व पंजाब CM चरणजीत सिंह चन्नी की उस टिप्पणी की ओर था, जब उन्होंने 2022 विधानसभा चुनाव से पहले कहा था - "UP-बिहार के भाईयों को पंजाब में एंट्री न दो।"
पीएम मोदी ने कहा कि उनका प्रयास है कि बिहार के बेटे-बेटियां यहीं रोजगार पाएं और सम्मानजनक जीवन जिएं। पीएम मोदी ने कहा था,
''हमारे देश में चाहे कांग्रेस हो या आरजेडी, इनकी सरकारों ने कभी जनता के पैसों का मोल नहीं समझा... इनके लिए जनता के पैसों का मतलब सिर्फ अपनी तिजोरी भरना रहा है। इसी वजह से इनकी सरकारों में सालों-साल तक परियोजनाएं पूरी नहीं होती थीं। कोई योजना जितनी लटकती थी, ये उतना ही पैसा उसमें कमा लेते थे।''
पीएम मोदी ने कहा था,
''आप याद कीजिए, लालटेन राज में यह क्षेत्र लाल आतंक में जकड़ा हुआ था। माओवादियों की वजह से शाम के बाद कहीं आना-जाना मुश्किल हो जाता था। गया जी जैसे शहर लालटेन राज में अंधेरे में डूबे रहते थे। हज़ारों गांव ऐसे थे जहां बिजली के खंभे तक नहीं पहुंचे थे। लालटेन राज ने पूरे बिहार के भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया था। न शिक्षा थी, न रोजगार... बिहार की कितनी ही पीढ़ियों को इन लोगों ने बिहार से पलायन के लिए मजबूर कर दिया था। बिहार के लोगों को आरजेडी और उनके साथी सिर्फ अपना वोट बैंक मानते थे। उन्हें गरीब के सुख-दुख, गरीब के मान-सम्मान से कोई मतलब नहीं था।''












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