पहले रिंग बांध फिर सारण बांध और बाद में चंपारण बांध टूटने से बिहार में बाढ़ के हालात खतरनाक

पटना। बिहार में कोरोना के साथ-साथ बाढ़ के हालात भी खतरनाक होते जा रहे हैं। नेपाल और उत्तर बिहार में भारी बारिश के चलते कई जिलों में तबाही आ गई है। पहले गोपालगंज जिले में रिंग बांध टूटा फिर सारण बांध टूटने से गंडक नदी का जलस्तर बढ़ गया और जलस्तर के दबाव से चंपारण तटबंध भी टूट गया है। संग्रामपुर प्रखण्ड के दक्षिणी भवानीपुर पंचायत के निहालु टोला में करीब 10 फीट चौड़ाई में बांध टूटा है और इसका दायरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

ring dam saran dam and champaran dam broken by heavy flow of water

इलाके के लोग अब अपना-अपना घर छोड़ ऊंचे जगहों पर रहने का प्रबंध कर रहे हैं। इस दौरान एसएच 74 पर भी पानी चढ़ने लगा है। भीषण बाढ़ की आशंका से लोगों में भय बना हुआ है।बता दें कि वाल्मिकीनगर बराज से छोड़े गए पानी के चलते गोपालगंज के बरौली के देवापुर में सारण प्रमुख बांध टूट गया। इसके अलावा मांझागढ़ प्रखंड के पुरैना में भी सारण बांध टूट गया है। इसके चलते गंडक नदी का तेज बहाव एनएच 28 की तरफ बढ़ रहा है।

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    ring dam saran dam and champaran dam broken by heavy flow of water

    जिला प्रशासन की तरफ से बांध के किनारे बसे गांवों में लोगों को अलर्ट करने के लिए घोषणा करवाई जा रही है।गोपालगंज जिले में साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी का बहाव था, जिसके चलते जिले में तटबंधों पर कई जगह रिसाव हो रहा था। बीती रात सिकटिया में रिसाव हो रहा थाय़ उसके बाद जानकारी मिली कि बरौली के देवापुर रिंग बांध में रिसाव शुरू हो गया। जब तक अधिकारी मौके पर पहुंचकर बांध का जायजा लेते तब तक बांध धाराशायी हो चुका था।

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    रिंग बांध टूटने के चलते गंडक नदी का बहाव तेज हो गया और फिर पानी बरौली के देवापुर गांव के समीप सारण मुख्य बांध की तरफ बढ़ने लगा और अचानक जानकारी मिली की रात को करीब 11 से 12 के बीच में सारण बांध भी टूट गया। सारण बांध के टूटने से पानी तेजी से एनएच 28 की ओर बढ़ने लगा है।

    बांध के टूटने के साथ ही एनएच 28 पर बड़े वाहनों का परिचालन ठप हो गया है। इस बांध के टूटने से गोपालगंज का बरौली, मांझागढ़, सिधवलिया और बैकुंठपुर प्रखंड के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है। इन प्रखंडों में बसे करीब 500 से 600 गांव बाढ़ की चपेट में आने लगे हैं।

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