'एक ही आवाज पप्पू, पूर्णिया...', नामांकन के बाद पप्पू यादव का बड़ा दावा, बिहार में किसका बने- बिगड़ेगा खेल

बिहार में पूर्णिया सीट से पप्पू यादव ने नामांकन दाखिल कर दिया है। वे निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर इस बार चुनावी मैदान में है। नामांकन के बाद पप्पू यादव किया कि आईएनडीआईए में शामिल मुख्य दल कांग्रेस का उन्हें समर्थन प्राप्त है।

गुरुवार को पप्पू यादव वे पूर्णिया निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। इस मौके पर उन्होंने आईएनडीआईए को समर्थन देने के साथ कांग्रेस को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि पूर्णिया की जनता उन्हें पूरा आशीर्वाद देगी और वे जीत कर दिखाएंगे।

Pappu Yadav over Purnia big claim

पप्पू यादव ने कहा, "मुझे कांग्रेस का समर्थन है, मुझे निर्दलीय चुनाव लड़ना पड़ा...कई लोगों ने मेरी राजनीतिक हत्या की साजिश रची, पूर्णिया की जनता ने हमेशा रखा है जाति और पंथ से ऊपर पप्पू यादव... सबकी एक ही आवाज है- पप्पू और पूर्णिया... मैं भारत गठबंधन को मजबूत करूंगा।"

उन्होंने आगे कहा, "कई लोगों ने मेरी राजनीतिक हत्या की साजिश रची. पूर्णिया की जनता ने हमेशा पप्पू यादव को जाति और धर्म से ऊपर रखा है... सबकी आवाज एक ही है- पप्पू और पूर्णिया।"

बता दें कि कांग्रेस और पप्पू यादव के मेल जोल पर लालू परिवार की पूरी नजर है। दूसरी ओर आईएनडीआईए ने जेडीयू से आईं बीमा भारती को आरजेडी का उम्मीदवार घोषित किया गया और बीमा भारती ने भी ने देरी नहीं, उन्होंने फटाफट नामांकन भी कर दिया। कोई कसर बाकी न रहे, इसलिए लालू यादव ने तेजस्वी यादव को पूर्णिया भी भेज दिया और बीमा भारती के समर्थन में रैली भी करा दी गई है। वहीं अब पप्पू यादव कांग्रेस का समर्थन मिलने का दावा कर रहे हैं।

पप्पू यादव की जिद का बिहार की राजनीति पर क्या असर?
पूर्णिय से पप्पू यादव कई बार अपने दम पर चुनावी मैदान में उतरे और जीते भी। लेकिन जब बिहार में काफी दिनों से मंडल बनाम कमंडल को मुद्दा बनाने की कोशिश हो रही है, सब कुछ होते हुए भी पप्पू यादव अकेले पड़ गये हैं। उनके पिछड़े वर्ग के होने के बावजूद कोई फायदा मिलता नहीं नजर आ रहा। वहीं पूर्णिया के चुनाव मैदान में जेडीयू के मौजूदा सांसद संतोष कुशवाहा के साथ साथ अब पप्पू यादव को आरजेडी उम्मीदवार बीमा भारती से भी टक्कर लेनी है। हालांकि पप्पू यादव चुनावी राजनीति में भले ही पिछड़ गये हों लेकिन लोगों की मदद में कभी पीछे नहीं हटे हैं। चाहे वो कोविड काल हो या फिर बिहार में आई बाढ़ का वक्त हो, पप्पू यादव मदद के लिए सबसे आगे खड़े मिले हैं, जिसका फायदा उन्हें मिल सकता है। ऐसे में पप्पू यादव की जिद आईएनडीआई के खेल पर विपरीत असर डाल सकती है।

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