Bihar Election: चुनाव के बाद गठबंधन करेगी जन सुराज पार्टी? प्रशांत किशोर ने लिखित में किया ये बड़ा वादा
चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर (PK) ने आज पटना में एक बड़ा और निर्णायक बयान दिया है, जिससे बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। प्रशांत किशोर ने यह बात पटना में बिहार पावर प्ले कॉन्क्लेव के दौरान कही, और तो और उन्होंने यह प्रतिबद्धता लिखित में भी दी।
इस खास मौके पर किशोर NDTV के एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल, मैनेजिंग एडिटर पद्मजा जोशी और बिहार ब्यूरो चीफ प्रभाकर कुमार से बात कर रहे थे।

जन सुराज पहले चुनाव में कितनी सीटें जीत सकती है?
जब उनसे पूछा गया कि जन सुराज अपने पहले चुनाव में कितनी सीटें जीत सकती है, तो उन्होंने कहा कि, 'मुझे दो संभावनाएं दिख रही हैं। लोगों ने जन सुराज को एक विकल्प के तौर पर देखा है, लेकिन वोट देने के लिए विश्वास की जरूरत होती है। लोगों को लंबे समय तक निराशा के दौर के कारण विश्वास की जरूरत है।' उन्होंने आगे कहा कि जन सुराज या तो 10 से कम या 150 से ज़्यादा सीटें जीतेगी।
किंगमेकर बने तो क्या दूसरी पार्टियों से गठबंधन करेंगे?
जब उनसे पूछा गया कि अगर चुनाव के बाद जन सुराज किंगमेकर बनकर उभरती है तो क्या वह दूसरी पार्टियों से गठबंधन करेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया, 'हम इधर-उधर की राजनीति नहीं करते। अगर लोग हमें जनादेश नहीं देंगे, तो हम अपना काम जारी रखेंगे। मैं आपको यह लिखकर दे सकता हूं, न तो चुनाव से पहले गठबंधन, न ही चुनाव के बाद।'
इस पर राहुल कंवल ने किशोर से पूछा कि क्या वह सच में 'लिखकर देंगे', यह एक ऐसा शब्द है जिसका इस्तेमाल चुनाव रणनीतिकार अक्सर इंटरव्यू में भविष्यवाणी करते समय करते हैं।
इसके बाद किशोर से पूछा गया कि क्या वह गठबंधन पर विचार करेंगे अगर नतीजे खंडित जनादेश या त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति पैदा करते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर ऐसी स्थिति आती है जहां हमारे बिना सरकार नहीं बन सकती, तो मुझे पता है कि लोग पाला बदल लेंगे। मैं उन्हें रोक नहीं पाऊंगा।' किशोर ने इसके लिए 'लक्ष्मी (पैसे) के लालच और (केंद्रीय एजेंसी) CBI के डर' को ज़िम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा, 'मान लीजिए, अगर जन सुराज के 30 विधायक हैं और ये 30 विधायक सरकार बनाने की कुंजी हैं, तो क्या विधायक मेरी बात सुनेंगे? लेकिन मैं कह सकता हूं कि मैं फिर भी ईमानदार रहूंगा।' BJP पर इनडायरेक्टली हॉर्स-ट्रेडिंग का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, 'अमित शाह से भी यह लिखवा लीजिए कि अगर NDA को बहुमत नहीं मिला, तो कोई भी MLA खरीदा या उन पर दबाव नहीं डाला जाएगा। आप पूछ रहे हैं कि क्या हम नहीं बिकेंगे, उनसे पूछिए जो खरीदेंगे।'
इससे पहले, किशोर से एक पोल स्ट्रैटेजिस्ट के तौर पर उनके अनुभव और खुद चुनाव लड़ने और दूसरों को चुनाव लड़वाने में क्या फर्क है, इस बारे में पूछा गया था। उन्होंने कहा, 'यहां भी मैं दूसरों को ही चुनाव लड़वा रहा हूं। फर्क सिर्फ इतना है कि इसे करने के लिए मैंने एक नया ग्रुप बनाया है। पहले मैं बने-बनाए ग्रुप्स के साथ काम करता था।'












Click it and Unblock the Notifications