जातीय जनगणना को लेकर BJP कोटे के मंत्रियों ने किया विरोध, कहा- इससे समाज में हो सकता है तनाव
गोपालगंज। प्रदेश के सहकारिता मंत्री सुभाष सिंह मंत्री बनने के बाद पहली बार गृह विधानसभा गोपालगंज पहुंचे। इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने बिहार में जातीय जनगणना को लेकर बड़ा बयान दिया। भोजपा कोटे से मंत्री सुभाष सिंह ने कहा कि जातीय जनगणना देश के लिए ठीक नहीं है। इससे समाज में तनाव भी हो सकता है। गरीबी के आधार पर जनगणना होनी चाहिए। देश में गरीबों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है। वह कैसे समाज की मुख्य धारा में आए, उन्हें कैसे आर्थिक रूप से मजबूत करना है। इस पर विचार होना चाहिए।

इसके अलावा मंत्री सुभाष सिंह ने कहा कि जातीय जनगणना से किसी खास एक वर्ग को लाभ मिलेगा। अगर उससे लाभ होता है तो 1931 के बाद से जातीय जनगणना क्यों नहीं की गई। इसे बंद कर दिया गया, क्योंकि उसका बुरा असर देखने को मिला। इसके अलावा मंत्री सुभाष सिंह ने सीएम नीतीश कुमार को पीएम मैटेरियल कहने के सवाल पर तंज कसते हुए कहा कि नीतीश कुमार को वही लोग पीएम मैटेरियल बताते हैं, वही लोग सुनते हैं।
वहीं नीतीश कैबिनेट में भाजपा कोटे से खान और भूतत्व मंत्री विधायक जनक राम ने जातीय जनगणना के सवाल पर पूर्व सीएम जीतन राम मांझी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं खुलकर बात करना चाहता हूं कि क्या कभी उनलोगों ने अपनी गिरेबा में झांककर देखा है? जब देश-प्रदेश के नेता और जनता मौका देती है तो अपने परिवार से बाहर निकलने का काम कोई करता है?
मंत्री जनक राम ने कहा कि छोटे-छोटे दल बनाकर जब ये जाति की बात करते हैं तो जब खुद मौका मिलता है तो छोटी-छोटी जातियों के लोगों को टिकट देने के बजाय परिवारवाद से बाहर नहीं निकलते हैं। मंत्री जनक राम ने कहा कि पांच साल बाद जनता के बीच जाना होता है तो आप समाजवाद और जाति की बात करते हैं। जनगणना की आड़ में जाति की राजनीति करते हैं। बिहार की जनता सब देख रही है।












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