MP Pappu Yadav Arrested: गिरफ्तारी के बाद पटना मेडिकल कॉलेज गए सांसद पप्पू यादव, क्या है 1995 का पूरा विवाद?
MP Pappu Yadav Arrested: करीब 35 साल पुराने एक मामले ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को बिहार पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) लाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद पप्पू यादव को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पप्पू यादव की गिरफ्तारी जिस केस में हुई है, उसकी जड़ें साल 1995 से जुड़ी हैं।

यह मामला पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में दर्ज एक एफआईआर से संबंधित है, जिसमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 468 (जालसाजी), 506 (आपराधिक धमकी) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज है।
Pappu Yadav Medical Examination: पप्पू यादव का PMCH में कराया गया मेडिकल चेकअप
गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को सुरक्षा घेरे में पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल लाया गया। इस दौरान अस्पताल परिसर में पुलिस बल की भारी तैनाती देखने को मिली। PMCH के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने मीडिया को बताया, हमने यह उचित नहीं समझा कि वार्ड के अंदर जाकर मेडिकल प्रक्रिया की जाए, क्योंकि इससे अन्य मरीजों को परेशानी हो सकती थी। पप्पू यादव का अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है और सभी जरूरी मेडिकल जांच की जा रही हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मेडिकल जांच पूरी तरह नियमों के तहत की जा रही है।
1995 Case Pappu Yadav: क्या है 1995 का पूरा मामला?
शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 1995 में पप्पू यादव और उनके करीबी लोगों ने कथित तौर पर धोखाधड़ी के जरिए उनका मकान किराए पर लिया था। आरोप है कि मकान लेते समय यह बात जानबूझकर छिपाई गई कि इस आवासीय भवन का इस्तेमाल सांसद के राजनीतिक कार्यालय के रूप में किया जाएगा।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि उन्हें पहले से इस बात की जानकारी होती, तो वे कभी भी अपना घर किराए पर नहीं देते। इसी आरोप के आधार पर उस समय मामला दर्ज किया गया था, जिसमें धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी और साजिश जैसी धाराएं लगाई गईं।
मामले में लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया और अदालती सुनवाई चलती रही। हाल ही में अदालत ने पप्पू यादव के खिलाफ कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया था, जो गिरफ्तारी से तीन दिन पहले दिया गया। इसके बाद पुलिस ने वारंट के आधार पर देर रात कार्रवाई करते हुए उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
सोशल मीडिया पर पप्पू यादव का तीखा हमला
गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक और तीखा पोस्ट साझा किया। उन्होंने बिहार पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए और अपनी गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। पप्पू यादव ने लिखा-
"युवा उद्यमी सूरज बिहारी की हत्या,फिर भी एक हत्यारे को न पकड़ पाने वाली बिहार पुलिस के कारण
आज सूरज के पिता, उद्यमी जवाहर यादव जी का देहांत हो गया।
उनके हत्यारों की आरती उतारने वाली बिहार पुलिस
मुझे गिरफ्तार करने पांच थाने की पुलिस लेकर पहुंची है!
हम आतंकवादी हैं, करो अरेस्ट।"
इस पोस्ट के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
क्या है सूरज बिहारी हत्याकांड का मामला?
पप्पू यादव के पोस्ट में जिस सूरज बिहारी हत्याकांड का जिक्र किया गया है, वह हाल के दिनों में बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि इस मामले में अब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे पीड़ित परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। पप्पू यादव लंबे समय से इस मामले को उठा रहे थे और लगातार बिहार पुलिस व सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे थे।
पप्पू यादव के समर्थकों और जन अधिकार पार्टी से जुड़े नेताओं ने गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। उनका कहना है कि जब सांसद कानून-व्यवस्था और हत्या जैसे गंभीर मुद्दों को उठा रहे थे, तभी पुराने केस को सक्रिय कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। वहीं, पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और इसका किसी राजनीतिक घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है।
कोर्ट में पेशी पर टिकी निगाहें
फिलहाल, मेडिकल जांच पूरी होने के बाद पप्पू यादव को कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है। अदालत में उनकी रिमांड और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर फैसला लिया जाएगा। इस गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि कोर्ट में क्या रुख अपनाया जाता है और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।












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