Motivational Story: किसान पिता के बेटे ने DPRO बन किया नाम रोशन, पढ़िए संघर्ष भरी कहानी
DPRO Result 2023: बिहार के युवा विभिन्न क्षेत्रों में कामयाबी का परचम लहरा रहे हैं। देश से लेकर विदेशों तक बिहार के प्रतिभा को लोग लोहा मान रहे हैं। इसी क्रम में आज हम आपको किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले रंजीत रंजन की कामयाबी की कहानी बताने जा रहे हैं।
BPSC की तरफ़ से असिस्टेंट डायरेक्टर सह DPRO का रिज़ल्ट जारी कर दिया है। इसमें गया ज़िला के नसेर गांव (गुरुआ प्रखंड) के रहने वाले रंजीत रंजन ने कामयाबी की इबारत लिखी है। आपको बता दें कि रंजीत रंजन के पिता पेश से किसान हैं। उनकी शुरुआती तालीम गुरुआ से ही हासिल की है।

दूरदर्शन में चार सालों तक काम करने के बाद रंजीत ने नौकरी छोड़ दी और गांव में समाज सेवा से जुड़ गए। घर वापस आने के बाद उन्होंने ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने की ज़िम्मेदारी उठाई और इसी ओर क़दम बढ़ाते चले गए।
रंजीत के शिक्षा की बात की जाए तो उन्होंने कोलकाता से मीडिया साइंस में ग्रेजुशन की डिग्री ली। इसके बाद 2011 में उन्होंने IIMC (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मास कम्युनिकेशन) से रेडियो और टीवी जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा का सर्टिफिकेट हासिल किया।
रंजीत ने खास बातचीत में बताया कि जब उन्होंने पीजी डिप्लोमा कोर्स पूरा किया तो, उनका दूरदर्शन चैनल में प्लेसमेंट हो गया। चार सालों तक नौकरी करने के बाद उन्होंने साल 2016 में नौकरी छोड़ दी। गांव वापस आने के बाद इंडिपेंडेट पत्रकार की तरह काम करते हुए समाज सेवा करने लगे।
रंजीत गरुआ में पिछले करीब 6 साल एक संस्था का संचालन कर रहे हैं। इसके तहत वह पर्यावरण संरक्षण और गुरुआ में मौजूद ऐतिहासिक धरोहरों कों संवारने का काम किया। उनके इस पहल से ज़िले से लेकर प्रदेश तक एक ख़ास पहचान बनी।
किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले रंजीत रंजन का सेलेक्शन DPRO (चयन सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी) के लिए हुआ है। अधिकारी पद पर चयनित होने पर रंजीत ने खुशी का इज़हार करते हुए कहा कि वह काफी खुश हैं। जहां भी रहेंगे, जो भी काम करेंगे पूरी ईमानदारी से करेंगे।












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