Mokama: किस कार ने कुचला दुलारचंद यादव को? अब तक नहीं मिला सुराग, अनंत सिंह अब CID के रडार पर
Mokama Hatyakand News: मोकामा विधानसभा क्षेत्र का तारतर गांव इन दिनों सुर्खियों में है। दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में अब CID ने भी एंट्री ले ली है। सीआईडी की टीम इस केस की जांच स्थानीय पुलिस के साथ समानांतर तौर पर करेगी।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के नतीजे दोनों एजेंसियां आपस में साझा करेंगी, ताकि किसी पक्ष के साथ अन्याय न हो सके। एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने पुष्टि की है कि सीआईडी के लिए एक अलग टीम गठित कर दी गई है। वहीं, पुलिस की कई टीमें अब भी फरार आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।

चार दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, हथियार और कार अब भी लापता
घटना को हुए चार दिन गुजर चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस न तो उस वाहन को बरामद कर पाई है जिससे दुलारचंद को कुचला गया, न ही घटना में इस्तेमाल हथियार का कोई पता लगा सकी है। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हृदय और फेफड़ों में गंभीर चोट बताया गया है। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि दुलारचंद के पैर में गोली मारी गई, फिर कार से उन्हें रौंद दिया गया। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो सका कि कार कौन चला रहा था और वह वाहन कहां गया।
अनंत सिंह से पूछताछ की तैयारी, रिमांड पर लिया जा सकता है
जांच में बड़ा मोड़ तब आया जब पता चला कि घटना के वक्त बाहुबली नेता अनंत सिंह मौके पर मौजूद थे। एसएसपी ने बताया कि 30 अक्टूबर को चुनाव प्रचार के दौरान अनंत सिंह और जदयू प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी का काफिला एक ही रूट से गुजर रहा था। तभी दोनों गुटों के बीच भिड़ंत हुई और मामला हत्या तक पहुंच गया।
अब पुलिस अनंत सिंह को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। सवाल यह है कि गोली चलाने वाला कौन था और वह हथियार कहां से लाया गया। इसके अलावा यह भी जांचा जाएगा कि दुलारचंद को कुचलने वाली कार किसकी थी और किसने चलाई थी।
वीडियो फुटेज से पहचान में जुटी पुलिस, 80 लोग अब तक गिरफ्तार
पुलिस ने अब तक इस मामले में करीब 80 लोगों को गिरफ्तार किया है। रविवार को ही 15 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना में शामिल हर व्यक्ति की पहचान की जा सके। साथ ही फरार आरोपितों की तलाश में कई टीमों को मोकामा और उसके आस-पास के इलाकों में तैनात किया गया है।
अर्धसैनिक बलों की 13 कंपनियां तैनात, STF भी मैदान में
मोकामा की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। एसटीएफ की दो यूनिट, अर्धसैनिक बलों की 13 कंपनियां और चार क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) लगातार गश्त कर रही हैं। डीएसपी और थानेदारों की संयुक्त टीम गांव-गांव छापेमारी कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही घटना से जुड़ी कार और हथियार बरामद कर लिए जाएंगे।
कई दिशाओं में चल रही जांच, बढ़ सकता है सियासी तनाव
यह मामला अब सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि सियासी गर्मी का केंद्र बन चुका है। चुनावी माहौल के बीच अनंत सिंह की गिरफ्तारी ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। सीआईडी के जांच में आने से उम्मीद है कि इस केस की असल सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल पुलिस और सीआईडी दोनों एजेंसियां कार, हथियार और साजिश की कड़ी जोड़ने में जुटी हैं।
शुरुआती झड़प से हत्या तक-पूरा मामला एक नजर में
- 30 अक्टूबर को भदौर थाना क्षेत्र में दो प्रत्याशियों के समर्थकों में झड़प हुई।
- तारतर गांव के दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई और बाद में कार से कुचल दिया गया।
- घटना के बाद चार केस दर्ज किए गए-दो अनंत सिंह पक्ष से, दो विरोधी पक्ष से।
- पुलिस ने अब तक 80 गिरफ्तारियां कीं, जबकि मुख्य वाहन और हथियार की तलाश जारी है।
- अब CID भी जांच में शामिल होकर पूरे केस को नई दिशा दे रही है।












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