Mid Brain Activation: बंद आंखों से भी देख लेती हैं रिमझिम, लोगों ने कहा- यकीन नहीं होता
मेडिटेशन के ज़रिए रिमझिम बंद आंखों से भी दुनिया का दीदार कर लेती है। वहीं एक्सपर्ट का की मानें तो 14 साल से कम उम्र के बच्चे मेडिटेशन के ज़रिए आंखों को बंद कर के दुनिया देख सकते हैं।

Mid Brain Activation: बिहार में प्रतिभा के धनी युवाओं की कमी नहीं है, प्रदेश के बटों की तरह बेटियां भी अपने हुनर का परचम लहरानें में पीछे नहीं हैं। आज हम आपको बिहार के पूर्णिया जिले में रहने वाली रिमझिम के बारे में बताने जा रहे हैं, जो कि बंद आंखों से भी दुनिया देख लेती हैं। 12वीं की छात्रा रिमझिम की खबर पढ़ने के बाद लोग यही कह रहे हैं कि यकीन नहीं होता। लेकिन यह हक़ीकत है कि आंखों पर काली पट्टी बांधकर रिमझिम अखबार पढ़ लेती हैं। इतना ही नहीं वह आखों पर आंख पर पट्टी बांधकर भीड भाड वाले इलाके में साइकिल भी चला लेती हैं।

बंद आंखों से करती है दुनिया का दीदार
रिमझिम कुमारी वैसे तो मधेपुरा के उदाकिशनगंज से ताल्लुक रखती हैं। पंकज कुमार की बेटी मौजूदा वक्त में अपने ननिहाल (पूर्णिया कोर्ट स्टेशन) में रहती है। रिमझिम ने मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि वह रोज़ाना मेडिटेशन करती हैं। मेडिटेशन करने की वजह से उनकी ‘तीसरी आंख' खुल जाती है। मेडिटेशन का ही कमाल है कि वह आंखों के बंद करके भी दुनिया का दीदार कर सकती हैं। रिमझिम को उनके पिता पंकज कुमार ने ये मेडिटेशन सीखाया है।
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रिमझिम के पिता ने दी उसे ट्रेनिंग
दोनों आंखों पर पट्टी बांधने के बाद भी रिमझिम अखबार और किताब को बिना किसी परेशानी के पढ़ लेती हैं। इतना ही नहीं आंख बंद होने के बावजूद वह अपने आसपास मौजूद लोगों और उनके कपड़ों के रंग भी आसानी से बता देती है। पंकज कुमार (रिमझिम के पिता) ने बताया कि चार साल पहले उन्हें स्किन कैंसर हो गया था। इस बीमारी की वजह से उनके शरीर के सभी बाल उड़ गए थे यहां तक कि सिर में भी बाल नहीं बचे थे। शरीर में पस होने की वजह से बदबू भी आने लगी थी। इस वजह से लोग उनसे दूरी बनाने लगे। अपनी बीमारी के इलाज में उन्होंने लाखों रुपये ख़र्च किए लेकिन ठीक नहीं हो पाए।

मेडिटेशन की ट्रेनिंग देते हैं पंकज
पंकज कुमार बीमारी का इलाज करवाते-करवाते थक गए और जिंदगी जीने की आस ही छोड़ दी थी। इसके बाद एक व्यक्ति ने उन्हें मेडिटेशन की सलाह दी। हर तरफ से मायूसी हाथ लगने के बाद पंकज ने रोजाना सुबह और शाम मेडिटेशन करना शुरू किया। मेडिटेशन करने के कुछ ही दिनों बाद उन्हें फायदा दिखने लगा, उनके सिर पर बाल भी आ गए। धीरे-धीरे वह पूरी तरह तंदुरुस्त हो गए। मेडिटेशन से खुद को फायदा होने के बाद पंकज दूसरे लोगों को भी मेडिटेशन करने की सलाह देने लगे और उन्हें ट्रेनिंग भी देने लगे।

मिड ब्रेन एक्टिवेशन क्या है ?
इस पूरे मामले में एक्सपर्ट का कहना है कि रिमझिम जिस तरह से बंद आंखों से दुनिया देख सकती है। ऐसा 14 साल से कम उम्र के बच्चों के ही कर सकते हैं। क्योंकि बाहरी दुनिया से बच्चों का दिमाग बिल्कुल अलग होता है। पूरी तरह खास तरीक़े से ध्यान लगाने पर तीसरी आंख खुल जाती है। इस विधि को मिड ब्रेन एक्टिवेशन कहते हैं, इसके ज़रिए बच्चे आंख बंद कर के भी सब कुछ देख सकते हैं।
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