महागठबंधन के घोषणापत्र के वादों पर चिराग बोले- उन्हें सत्ता में आना ही नहीं है, तो झूठ बोलने में क्या हर्ज़
Mahagathbandhan manifesto: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले, महागठबंधन ने मंगलवार को अपना घोषणापत्र जारी किया है, जिसका नाम 'तेजस्वी प्रण पत्र' रखा गया है। इस दस्तावेज के कवर पेज पर तेजस्वी यादव की तस्वीर छापी गई है, जिसमें 'न्यायपूर्ण नए बिहार के लिए संकल्प पत्र 2025' लिखा है।
गठबंधन ने इस घोषणापत्र में रोजगार, महिला सशक्तिकरण, किसानों और अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। महागबंधन के इस घोषणा पत्र पर किए गए वादों पर सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल भाजपा समेत अन्य दलों के नेताओं ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

चिराग बोले- इन्हें झूठ बोलने में क्या जाता है
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "जब उनको पता है कि उन्हें सत्ता में आना ही नहीं है, तो झूठ बोलने में क्या हर्ज़ है। अभी इन्होंने परिवार में एक सरकारी नौकरी की बात की है। अगर ये झूठ बोलना शुरू करेंगे, तो हर व्यक्ति को सरकारी नौकरी का वादा कर देंगे। ये झूठ बोलने में इतने माहिर हैं... सबको पता है कि यह संभव नहीं है।"
भाजपा मंत्री नित्यानंद बोले- जो खुद भ्रष्ट वो क्या विकास करेगा
इसी मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि, "आज 'घमंडिया' गठबंधन ने अपना घोषणापत्र जारी किया है। तेजस्वी यादव कहते हैं कि हम बिहार को भ्रष्टाचार से मुक्त करेंगे। जो व्यक्ति खुद भ्रष्ट है और विभिन्न घोटालों में दोषी ठहराया गया है, वह कैसे कह सकता है कि वह बिहार को भ्रष्टाचार से मुक्त करेगा?"
राय ने आगे जोड़ा, "15 साल के 'जंगल राज' के दौरान, कई घोटाले, अपराध और नफरत फैली... राजद सरकार ने हमेशा बिहार को विकास से दूर किया है... आप बस बिहार के लोगों को गुमराह कर रहे हैं।"
प्रशांत किशोर बोले- मूर्ख बनाने का प्रयास है
महागठबंधन के घोषणापत्र के बारे में प्रशांत किशोर ने टिप्पणी की, "यह चुनाव जीतने के लिए बिहार के लोगों को मूर्ख बनाने का एक और प्रयास है। असली लड़ाई एनडीए और जन सुराज के बीच है।"
तेजस्वी यादव के घोषणापत्र की मुख्य वादें क्या हैं?
- हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी - 20 दिनों में कानून, 20 महीनों में भर्ती शुरू।
- जीविका दीदियों को सरकारी दर्जा - ₹30,000 वेतन + ब्याजमुक्त ऋण।
- संविदा व आउटसोर्सिंग कर्मी स्थायी - सभी को नियमित किया जाएगा।
- रोजगार सृजन - IT पार्क, SEZ, औद्योगिक नीति, 5 एक्सप्रेसवे, 2000 एकड़ एजुकेशनल सिटी।
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) - दोबारा लागू।
- 'माई-बहिन मान योजना' - महिलाओं को ₹2,500 प्रतिमाह आर्थिक सहायता।
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन - वृद्धा, विधवा ₹1,500; दिव्यांग ₹3,000 मासिक।
- मुफ्त बिजली - हर परिवार को 200 यूनिट फ्री बिजली।
- माइक्रोफाइनेंस नियंत्रण कानून - ब्याज दर वसूली पर रोक; सहारा पीड़ितों को राहत।
- प्रतियोगी परीक्षा सुधार - फॉर्म/फीस खत्म, फ्री यात्रा, पेपर लीक पर सख्ती।
- हर अनुमंडल में महिला कॉलेज - और कॉलेज रहित प्रखंडों में नए कॉलेज।
- शिक्षक व कर्मचारी तबादला नीति - गृह जिले से 70 किमी के भीतर पोस्टिंग।
- किसानों के लिए MSP गारंटी - सभी फसलों की खरीद व APMC बहाली।
- मुफ्त स्वास्थ्य बीमा - ₹25 लाख तक, जिला अस्पताल अपग्रेड।
- मनरेगा सुधार - मजदूरी ₹300, 200 कार्य दिवस।
- 'अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम' - नया कानून; विदेश छात्रवृत्ति (200 छात्र)।
- आरक्षण सीमा बढ़ाने की पहल - नौवीं अनुसूची में भेजा जाएगा।
- OBC/SC/ST आरक्षण बढ़ोतरी - पंचायत/निकाय में OBC 30%, SC 20%।
- अपराध पर जीरो टॉलरेंस - पुलिस जवाबदेही तय।
- अल्पसंख्यक अधिकार संरक्षण - वक्फ संशोधन पर रोक, बौद्ध मंदिरों का संचालन समुदाय को।
- शिक्षा व स्किल डेवलपमेंट - हर जिले में तकनीकी संस्थान, डिजिटल सब्सिडी।
- MSME व उद्योग को बढ़ावा - वित्तीय सहायता व क्लस्टर (2000 एकड़)।
- बाढ़-सूखा राहत नीति - स्थायी पुनर्वास योजना व सिंचाई परियोजनाएँ।
- भ्रष्टाचार मुक्त शासन - ई-गवर्नेंस व जवाबदेही सुनिश्चित।
- 'पलायन मुक्त बिहार' - स्थानीय रोजगार, निवेश व शिक्षा पर फोकस।












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