Lok Sabha Election 2024: पटना साहिब सीट पर दिलचस्प मुकाबला, क्या कांग्रेस तोड़ पाएगी हार का सिलसिला?
बिहार के पटना साहिब संसदीय क्षेत्र की बात करें तो इसका भारतीय राजनीति में विशेष महत्व है। इस बार चुनावी मैदान में कई दिग्गज इस सीट से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
यहां से भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता रवि शंकर प्रसाद मैदान में हैं। रवि शंकर प्रसाद केंद्र सरकार में कई बड़े मंत्रालय संभाल चुके हैं और उन्हें पार्टी के कद्दावर नेताओं में गिना जाता है। वह कई टीवी चैनल की बहस और प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते नजर आते हैं।

मैदान में अंशुल अविजित
रविशंकर प्रसाद को यहां कांग्रेस की ओर से अंशुल अविजित चुनौती दे रहे हैं। वह पार्टी की विचारधारा पर चलने वाले नेताओं में गिने जाते हैं। बिहार की राजनीतिक उथल-पुथल को वह बेहतर तरह से समझते हैं।
कांग्रेस का हर बार दांव फेल
कांग्रेस के दिग्गज नेता जगजीवन राम के नाती और मीरा कुमार के बेटे अंशुल अविजित कुशवाहा के लिए यह चुनौती आसान नहीं होने वाली है। 2009 में भाजपा की ओर से शत्रुघ्न सिन्हा मैदान में थे तो कांग्रेस ने बॉलीवुड स्टार शेखर सुमन को मैदान में उतारा था, लेकिन वो चुनाव हार गए।
रविशंकर ने की थी बिहारी बाबू की छुट्टी
2014 में शत्रुघ्न सिन्हा को एक बार फिर से भाजपा ने मैदान में उतारा। इस बार कांग्रेस ने भोजपुरी स्टार कुणाल सिंह को टिकट दिया लेकिन वो भी हार गए। लेकिन 2019 में जब शत्रुघ्न सिन्हा ने कांग्रेस हाथ था और कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरे तो इस बार भाजपा की ओर से रविशंकर प्रसाद ने उन्हें तीन लाख से अधिक वोटों से हरा दिया।
रवि शंकर प्रसाद अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री रह चुके हैं। पटना साहिब में योगी आदित्यनाथ ने भी रैलियां की हैं। लिहाजा यह सीट काफी दिलचस्प होने वाली है।
पटना साहिब सीट का इतिहास
पटना साहिब एक दौर में कांग्रेस का गढ़ था। आजादी के बाद 1967 सीपीआई ने कांग्रेस के इस गढ़ को ढहा दिया था। हालांकि 1984 में कांग्रेस के सीपी ठाकुर ने यहां लेफ्ट को मात देने में सफलता हासिल की।
वर्ष 2009 में जब परिसीमन के बाद पटना लोकसभा से पटना साहिब और पाटलिपुत्र सीट निकली तो उसके बाद से यहां एनडीए का कब्जा है। लगातार दो बार शत्रुघ्न सिन्हा ने यहां से भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी। तीसरी बार शत्रुघ्न सिन्हा ने कांग्रेस के टिकट पर यहां चुनाव लड़ा और भाजपा के रवि शंकर प्रसाद से चुनाव हार गए।
पटना साहिब की बात करें तो इसके भीतर कुल छह विधानसभा सीटें दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, पटना साहिब, फतुहा, बख्तियारपुर आती हैं। पिछले विधानसभा चुनाव 2020 में यहां भाजपा ने चार और आरजेडी ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी।












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