Liqour Ban In Bihar: शराब मामले पर बोले चिराग- 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, सच दबाया जा रहा है
Liqour Ban In Bihar: चिराग पासवान ने सरकार पर तीखा हमला बोला है, उन्होंने कहा है कि बिना पोस्टमार्टम के ही शवों अंतिम संस्कार किया जा रहा है। परिजनों पर दवाब बनाकर सच्चाई छुपाई जा रही है।

Liqour Ban In Bihar: बिहार के सारण जिले में ज़हरीली शराब पीने से हुई मौत मामले में सियासी पारा चढ़ गया है। विपक्षी दलों के नेताओं ने नीतीश सरकार ने घेरना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में LJP (रामविलास) के दिग्गज नेता चिराग पासवान ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला है। चिराग पासवान ने कहा कि 200 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई है। सच दबाया जा रहा है। पोस्टमार्टम किए बिना ही शवों का अंतिम संस्कार करवाया गया। परिवार पर दवाब डाला कर कहा जहा है कि शराब से मौत होने की बात मत बोलो। उन्हें धमकाया जा रहा है कि अगर शराब से मौत होने की बात कही तो जेल भेज देंगे। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि CM की खामोशी भ्रष्ट अधिकारियों को समर्थन है।

कथित तौर पर सैकड़ों लोगों की मौत
प्रदेश में शराबबंदी सिर्फ़ कागज़ों पर ही नज़र आ रही है। राज्य के विभिन्न ज़िलों से आए दिन शराब की तस्करी और ज़हरीली शराब पीने से मौत की खबर देखने को मिल रही है। सारण के शराब कांड से अब तक कथित तौर पर सैंकड़ो लोगों की मौत हो चुकी चुके हैं। हर घंटे ही मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा था । ज़हरीली शराब पीने से 22 लोगों की इलाज के दौरान हुई। इसके अलावा मंगलवार की देर रात 5 लोगों की मौत हुई। वहीं ग्रामीणों की मानें तो 3 और लोगों की संदिग्ध मौत हुई लेकिन उनका पोस्टमार्टम ही नहीं हुआ।

प्रशासन की संरक्षण बढ़ रहा अवैध कारोबार- ग्रामीण
जहरीली शराब पीने से हुई मौत मामले में ग्रामीणों ने प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की संरक्षण से ही अवैध कारोबार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मशरख और इसुआपुर इलाके में देसी शराब की बड़ी खेप पहुंचाई गई थी। 50 से लोगों ने देसी शराब का सेवन किया था। तबीयत बिगड़ने के बाद अलग-लग अस्पतालों में 20 से ज्यादा लोगों को भर्ती कराया गया था। इसके अलावा भी विभिन्न क्षेत्रों में लोगों ने ज़हरीली शराब का सेवन किया था। ज़हरीली शराब पीने से सैंकड़ों लोगों की जान गई। लेकिन प्रशासन सही आंकड़े जारी नही कर रहा है।

प्रशासन पर ग्रामीणों ने लगाए आरोप
जहरीली शराब पीने के बाद सभी लोगों की हालत नाजुक थी। उन्होंने 20 रुपये वाली देसी शराब का पाउच खरीदकर पिया था। शराब पीने वाले सभी लोग आस-पास के ही रहने वाले थे। सारण जिले में शराब का कारोबार धडल्ले से चल रहा है, प्रशासन पैसे लेकर मामले को दबा देता है। ज़हरीली शराब कांड मामले में पुलिस ने 14 लोगों को हिरासत में ज़रूर लिया लेकिन उसके बारे में स्पष्ट जानकारी देने से बच रही है।
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