महिलाओं ने चंदन टीका लगाकर शौचालय की उतारी आरती, फिर दिया 'इज्जत घर' नाम

गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले में महिलाओं ने शौचालय की पूजा अर्चना करते हुए कहा कि यह शौचालय नहीं बल्कि इज्जत का घर है। इस पूजा अर्चना में एक-दो नहीं बल्कि पूरी गांव की महिलाएं शामिल थी और तो और जिला अधिकारी से लेकर विभिन्न पदाधिकारी तक इस पूजा के मौके पर पहुंचे थे। दरअसल, बिहार के गोपालगंज जिले के इस गांव में जागरूकता की कमी होने के कारण अब तक शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया था लेकिन पिछले 1 महीने में इस गांव के अधिकतर लोगों ने शौचालय का निर्माण कराते हुए खुले में शौच से मुक्ति पाने का संकल्प लिया और जागरुक होकर अपने घरों में शौचालय का निर्माण करवाने लगे। देखते ही देखते अब पूरा गांव खुले में शौच से मुक्त हो गया। इस दौरान शौचालय का उद्घाटन करने से पहले महिलाओं के द्वारा विशेष पूजा अर्चना की गई और शौचालय की सीट को चंदन टीका लगाते हुए आरती उतारा गया फिर फीता काटकर इसका उद्घाटन भी किया गया।

फीता काटकर शौचालय का किया उद्घाटन

फीता काटकर शौचालय का किया उद्घाटन

मिली जानकारी के अनुसार शौचालय की पूजा अर्चना का नजारा बिहार के गोपालगंज जिले के मांझा प्रखंड के कर्णपुरा पंचायत मे देखने को मिला। जहां पूरा पंचायत खुले से शौच मुक्त होने के बाद जश्न मनाने लगा और इस मौके पर गांव की महिलाओं ने अपने घरों में बनाए गए नवनिर्मित शौचालय की पूजा अर्चना की और इसे 'इज्जत घर' का नाम दिया। इस मौके पर जिला अधिकारी राहुल कुमार और डीडीसी दयानंद मिश्रा समेत कई पदाधिकारी के साथ साथ सैकड़ों लोग मौजूद थे जो जिला मुख्यालय से साइकिल चला कर कर्णपूरा पंचायत पहुंचे थे। पूरे गांव को ओडीएफ घोषित होने के बाद यहां एक अलग नजारा देखने को मिला। जहां गांव की महिलाओं ने DM के साथ-साथ अन्य पदाधिकारी की मौजूदगी में इस पल को यादगार बनाने के लिए फीता काटकर उद्घाटन किया और इस तस्वीर को अपने कैमरे में कैद भी की।

गांव की महिलाओं का क्या है कहना

गांव की महिलाओं का क्या है कहना

इस मौके पर गांव की रहने वाली मंजू देवी ने कहा कि अब तक हम लोगों में जागरुकता के अभाव होने के कारण घर में शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया था लेकिन अब हम लोगों को पता चला कि घर में शौचालय कितना जरूरी है। हमारे पति विदेश में रहकर नौकरी करते हैं और उनके द्वारा आलीशान मकान भी बनाया गया है लेकिन जागरूकता की कमी और घर में शौचालय नहीं होने के कारण हमें रोजाना शौच के लिए घर से बाहर जाना पड़ता था।

8 हजार से ज्यादा है गांव की आबादी

8 हजार से ज्यादा है गांव की आबादी

वही गांव के रहने वाले राजेश प्रसाद का कहना है कि पूरे कर्णपुरा पंचायत की आबादी करीब 8 हजार 640 है और हाल में ही साढ़े छह सौ से ज्यादा शौचालय का निर्माण कराया गया है। आपको बताते चलें कि गोपालंज जिले में एक ब्लॉक, 20 पंचायत और 125 गांव और 405 के करीब गांव ओडीएफ घोषित किए जा चुके हैं। वहीं इस मौके पर डीएम राहुल कुमार ने कहा कि आज इस पंचायत के लिए खुशी की बात यह है कि इस पंचायत को ओडीएफ घोषित हो गया है। और यहां के जनप्रतिनिधियों ने दिन रात मेहनत कर इस पंचायत को खुले में शौच से मुक्त किया है।

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