झारखंड के रहने वाले दो व्यापारी भाइयों के जमुई में मिले कंकाल, एक महीना पहले हुआ था अपहरण
जमुई। झारखंड के गिरिडीह जिले के तीसरी के रहने वाले दो व्यापारी भाइयों का शव जिले के खैरा थाना क्षेत्र के गरही के मनवा जंगल से बरामद हुआ है। दोनों भाइयों के शव का कंकाल क्षत-विक्षत स्थिति में मिला है। अंशु वर्णवाल और चंदन वर्णवाल की पहचान उनके कपड़े और बरामद की गई बाइक के आधार पर की गई है। दोनों भाई 22 जून से लापता थे। परिजनों ने अपहरण का केस तीसरी थाने में दर्ज करवाई थी। बताया जा रहा है कि परिजनों ने जमुई जिले के खैरा ताना पुलिस से भी मदद की गुहार लगाई थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मृतक अंशु वर्णवाल और चंदन वर्णवाल जमुई जिले के खैरा इलाके के चरैया गांव के निवासी थे।

बीते कुछ सालों से अपने परिवार के साथ झारखंड के गिरिडीह जिले के तीसरी में रहकर व्यापार करते थे। आरोप है कि दोनों भाई अभ्रक का अवैध व्यापार करते थे, जो जंगली इलाकों में पाए जाते हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि पैसे की लेनदेन के चलते उनके किसी करीबी ने गरही इलाके में बुलाया और फिर हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार, बीते 2 जुलाई को लापता व्यापारी भाइयों का पर्स परिजन को इसी इलाके में मिला था।
पूरे मामले को लेकर जमुई के एसपी प्रमोद कुमार मंडल ने बताया कि झारखंड के तीसरी के रहने वाले दोनों भाई के लापता होने की सूचना वहां के स्थानीय थाने में दर्ज कराई गई थी। जमुई जिला के खैरा थाना पुलिस को भी इस बारे में सूचना देने के बाद मामले में छानबीन की जा रही थी। पुलिस कप्तान ने बताया कि बुधवार को दिन में जानकारी मिली कि जंगल के इलाके में दो लोगों का शव कंकाल के रूप में मिला है।
जहां मौके पर पहुंचे लोगों ने कपड़े के आधार पर पहचान करते हुए दोनों भाइयों के बारे में बताया है। पुलिस इस मामले में छानबीन कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि पैसे के लेनदेन को लेकर दोनों की हत्या कर दी गई है। इस मामले की फॉरेंसिक जांच के लिए स्पेशल टीम को बुलाया गया है।












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