बिहार में भी महाराष्ट्र होगा, नीतीश के MLA-MP भाजपा में आएंगे: BJP सांसद का दावा
बिहार में भाजपा ने दावा किया है कि आने वाले दिनों में वहां भी महाराष्ट्र वाली राजनीति देखने को मिलेगी। बीजेपी सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने दावा किया है कि नीतीश की जेडीयू के विधायक-सांसद भाजपा में आ जाएंगे।

भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में भी महाराष्ट्र वाली राजनीति दोहराए जाने का दावा किया है। अररिया लोकसभा सीट से भाजपा सांसद प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद नेता और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को अपना उत्तराधिकारी बनाने का ऐलान करके अपने एमएलए और सांसदों को नाखुश कर दिया है। उनके इस फैसले को उनके पार्टी के सांसद और विधायक नहीं मानेंगे। बीजेपी एमपी का दावा है कि जिस तरह से महाराष्ट्र में विधायकों और सांसदों ने अपनी ही सरकार में भरोसा गंवा दिया था, उसी तरह से बिहार में भी नीतीश कुमार के प्रति विधायकों और सांसदों का विश्वास खत्म होता जा रहा है। आने वाले समय में नीतीश के वे सभी एमएलए और एमपी उनको छोड़कर बीजेपी में शामिल हो जाएंगे।
'नीतीश के सारे सांसद और एमएलए उनको छोड़ देंगे'
बिहार की अररिया लोकसभा सीट से भाजपा सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने राज्य की भविष्य की राजनीति को लेकर बहुत बड़ा दावा किया है। प्रदीप सिंह ने कहा है कि 'नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि तेजस्वी यादव बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे। नीतीश के कहने पर उनका कोई भी एमएलए और एमपी तेजस्वी को सीएम के रूप में स्वीकार नहीं करेगा। वह गलत पार्टी और गलत लोगों के साथ चले गए हैं। इसका अंजाम ये होगा कि उनके सारे सांसद और एमएलए उनको छोड़ देंगे।'
बिहार में भी महाराष्ट्र होगा- भाजपा सांसद प्रदीप कुमार सिंह का दावा
यही नहीं, बीजेपी नेता ने यह भी दावा किया कि बिहार में भी महाराष्ट्र वाली स्थिति बन जाएगी। उन्होंने कहा है, 'एमएलए और एमपी का सरकार पर से विश्वास उठने के बाद जो कुछ महाराष्ट्र में हुआ था, उसी तरह से बिहार में भी एमएलए और एमपी का नीतीश कुमार से भरोसा उठ रहा है। आने वाले समय में उनके सभी एमएलए और सांसद उनको छोड़ देंगे और बीजेपी में शामिल हो जाएंगे। '
महाराष्ट्र में शिवसेना टूटने से गिरी थी उद्धव सरकार
गौरतलब है कि पिछले साल जून में महाराष्ट्र की तत्कालीन महाविकास अघाड़ी की अगुवा पार्टी शिवसेना टूट गई थी और उद्धव ठाकरे की सरकार गिर गई थी। क्योंकि, उनकी पार्टी के अधिकांश एमएलए और सांसदों ने एकनाथ शिंदे को अपना नेता चुन लिया था और उद्धव ठाकरे की सरकार से समर्थन वापस लेकर उसे अल्पमत में ला दिया था। बाद में उद्धव की कुर्सी छिन गई और शिवसेना के बागी गुट के नेता एकनाथ शिंदे ने भाजपा के समर्थन से सरकार बना ली थी। आज की तारीख में मूल शिवसेना के अधिकतर विधायक और सांसद मुख्यमंत्री शिंदे की अगुवाई वाले गुट के साथ जुड़े हुए हैं।
पिछले साल अगस्त में नीतीश ने दिया था भाजपा को झटका
बिहार में 2020 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की जदयू और बीजेपी ने मिलकर चुनाव लड़ा और जीता था। भाजपा के मुकाबले करीब आधे विधायक होने के बावजदू नीतीश बीजेपी के सहयोग से सीएम बने थे। लेकिन, अगस्त में उन्होंने भाजपा को झटका देकर वापस लालू यादव की आरजेडी के समर्थन से सरकार बना ली। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से जदयू और राजद के नेताओं के बीच भी मतभेद की खबरें सुनाई पड़ रही हैं।












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