Gun Factory In Bihar: अवैध हथियारों का ज़खीरा, मुंगेर की तरह प्रदेश के एक और जिले में अवैध गन फैक्ट्री
Bihar Crime News: कुकरन गांव में पुलिस ने मिनी गन फैक्ट्री और हथियारों का जखीरा बरामद किया है।

Gun Factory Bihar: प्रदेश के मुंगेर जिले में अवैध हथियारों का काम प्रशासन के नाक के नीचे से होता है, लेकिन प्रशासन अवैध फैक्ट्री पर आज तक लगाम नहीं लगा सकी है। वहीं अब मुंगेर की तरह पूर्णिया जिले में भी अवैध हथियारों का कारोबार फल फूलने लगा है। मुंगेर की तरह पूर्णिया में भी हर तरह के अवैध हथियारों का निर्माण हो रहा है। पूर्णिया में मिनी गन फैक्ट्री और हथियारों का ज़ख़ीरा देख कर पुलिस वाले भी हैरान रह गए। धमदाहा थाना (पूर्णिया) की पुलिस और एसटीएफ टीम (कोलकाता) ने संयुक्त कार्रवाई कर कुकरन गांव के गन फैक्ट्री का खुलासा किया है।
पुलिस ने अवैध गन फैक्ट्री में छापेमारी के दौरान तीन अपराधियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। वह सभी बदमाश पिस्तौल बनाते हुए पकड़े गए। मिली जानकारी के मुताबिक हथियार बनाने वाले कारिगरों में मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद शहाबुद्दीन कासिम बाजार थाना क्षेत्र (मुंगेर) का रहने वाला है। वहीं शाहनवाज नाम का आरोपी बिहपुर थाना क्षेत्र (भागलपुर) का निवासी है। मुंगेर से धमदाहा आकर तीनों कारीगर हथियार बनाने का काम करते थे। धमदाहा एसडीपीओ रमेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी कर कार्रवाई की।
पुलिस की टीम ने कुकरन गांव के एक घर में छापेमारी के दौरान 20 अर्ध निर्मित पिस्तौल, 19 लोहे का बैरल, 3 लेथ मशीन, 20 पिस्टल का स्लाइडर, समेत पिस्टल बनाने के 15 तरह का सामान जब्त किया। यह तीन जिस घर में हथियार बना रहे थे, उस घर का मालिक सौरभ चौधरी और गौरव चौधरी को पुलिस आने की भनक पहले ही लग गई थी। पुलिस के पहुंचने से पहले वह लोग मौक़े से फरार हो गए। एसडीपीओ रमेश कुमार ने कहा कि एसटीएफ को कुकरन गांव में सौरव चौधरी और गौरव चौधरी के घर में अवैध हथियार बनाने की गुप्त सूचना मिली थी।
कोलकाता से एसटीएफ की टीम आई और फिर स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई। इस दौरान तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, वहीं 2 लोग भागने में कामयाब रहे। छापेमार कार्रवाई के बाद आरोपी के घर बुलडोजर से तोड़ दिया गया। भागे हुए आरोपियो को भी पुलिस ढूंढ रही है। यहां बनाए जा रहे हथियार प्रदेश के अलावा यूपी और बंगाल समेत अन्य राज्यों में भेजे जाते थे। कोलकाता पुलिस ने हथियार बेचने वाले तस्कर को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें पूर्णिया में हथियार बनाने की जानकारी मिली। इसके बाद कोलकाता एसटीएफ ने बिहार एसटीएफ के डीआईजी किम से संपर्क साधा और बिहार के पूर्णिया जिले में छापेमार कार्रवाई की गई।
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