नीतीश ने तेजस्वी को बर्खास्त किया तो ये है लालू का 'महाप्लान'
नीतीश कुमार के तेजस्वी यादव को बर्खास्त करने की दशा में पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बनाए गए प्लान पर तुरंत अमल किया जाएगा।
पटना। बिहार में लालू प्रसाद यादव के बेटे और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर महागठबंधन पर तलवार लटकी हुई है। जेडीयू चाहती है कि तेजस्वी यादव खुद इस्तीफा दें और आरजेडी का कहना है कि इस्तीफा किसी कीमत पर नहीं दिया जाएगा। दोनों दलों के बीच सुलह कराने और महागठबंधन को बचाने के लिए खुद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी चिंतित हैं लेकिन फिलहाल बिहार सरकार पर संकट बरकरार है। ऐसे में अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद तेजस्वी यादव को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया तो आरजेडी ने इसके लिए पहले से ही प्लान बनाकर तैयार कर लिया है।

पहले से बना रखा है लालू ने प्लान
आरजेडी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि नीतीश कुमार के तेजस्वी यादव को बर्खास्त करने की दशा में पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बनाए गए प्लान पर तुरंत अमल किया जाएगा। लालू यादव की योजना है कि अगर नीतीश ने तेजस्वी को हटाया तो उन हालातों में आरजेडी के सभी 11 मंत्री इस्तीफा देकर मंत्रिमंडल से बाहर आ जाएंगे। हालांकि इस दौरान महागठबंधन पर कोई संकट नहीं आएगा क्योंकि लालू यादव के प्लान के मुताबिक आरजेडी बिहार सरकार को बाहर से समर्थन देगी।

क्यों नहीं इस्तीफा देंगे तेजस्वी?
नाम ना छापने की शर्त पर आरजेडी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि अगर तेजस्वी यादव मंत्रिमंडल से इस्तीफा देते हैं तो इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटेगा। साथ ही बिहार की जनता में भी पार्टी के प्रति गलत संदेश जाएगा। वहीं, अगर नीतीश ने तेजस्वी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया तो उनके प्रति सहानुभूति पैदा होगी। यही कारण है कि लालू प्रसाद यादव खुले तौर पर कह रहे हैं कि तेजस्वी इस्तीफा नहीं देंगे।

नीतीश को बाहर से समर्थन देंगे लालू
लालू यादव की योजना है कि किसी भी हालात में महागठबंधन के टूटने का ठीकरा उनके सिर पर ना आए, इसीलिए वो सरकार को बाहर से समर्थन देंगे। लालू प्रसाद यादव का मानना है कि अगर महागठबंधन टूटता है तो उन्हें भी इसका नुकसान होगा। महागठबंधन टूटने की स्थिति में 2019 में भाजपा के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा बनाने की उनकी मुहिम को झटका लगेगा।

नीतीश कुमार पर छवि बचाने का दबाव
दोनों दलों के नेताओं के बीच जारी बयानबाजी से दूर नीतीश कुमार की चुप्पी भी एक अलग ही इशारा कर रही है। तेजस्वी को हटाने की दशा में नीतीश सियासी नफा-नुकसान का गणित सुलझाने में लगे हैं। शनिवार को पटना में आयोजित बिहार सरकार के एक कार्यक्रम में ना पहुंचकर तेजस्वी ने जाहिर कर दिया कि वो किसी तरह के दबाव में नहीं हैं। ऐसे में नीतीश कुमार पर अपनी सुशासन बाबू की छवि बचाने का दबाव बढ़ रहा है।












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