Bihar News: नक्सलियों की कमर तोड़ने के लिए सरकार ने बनाया प्लान, 'Combing Operation' के ज़रिए कसेगा शिकंजा
Combing Operation Bihar: बिहार में नक्सलियों की कमर तोड़ने के लिए सरकार ने फुलप्रूफ प्लान तैयार कर लिया है। नक्सलवाद के सफाए के लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन शुरू किया गया है। ख़ासकर बिहार-झारखंड के बॉर्डर के आस-पास के इलाकों में कुख्यात और बड़े नक्सलियों को गिरफ्तार और सरेंडर कराने के मकसद से मुहिम शुरू की गई है।
बिहार के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में औरंगाबाद, गया, लखीसराय, जमुई और मुंगेर शामिल हैं। यह सभी जिले झारखंड बॉर्डर को जोड़ती हैं। इनके आस-पास के इलाकों में नक्सलियों ने रेड कॉरिडोर बनाया हुआ है, जहां से नक्सलियों द्वारा विभिन्न गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है।

रेड कॉरिडोर को दो इलाकों को गया-औरंगाबाद, बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी (BJSAC) और जमुई-लखीसराय-मुंगेर, पूर्वी बिहार पूर्वोत्तर झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी (PBPJSAC) में बांट दिया गया है। इन इलाकों से नक्सलियों के सफाए के लिए केंद्रीय सुरक्षा बल और STF विशेष टीम तैनात की गई है।
केंद्रीय गृह मंत्री से हाल ही में डीजीपी के साथ नक्सल के मुद्दे पर बैठक हुई थी। मीटिंग में नक्सलवाद के सफाए को लेकर ख़ास रणनीति बनाई गई हैं। नक्सलियों के सफ़ाये के लिए 2026 तक का लक्ष्य तय किया गया है। झारखंड बॉर्डर से जोड़ने वाले इस पूरे क्षेत्रों की घेराबंदी शुरू कर 'कॉम्बिंग ऑपरेशन' तेज़ कर दी गई है।
'ऑपरेशन कॉम्बिंग' के मद्देनज़र सुरक्षा बलों के लेवल पर रणनीति तैयार की जा चुकी है। पुलिस मुख्यालय से सीधे तौर पर इसकी मॉनीटरिंग की जाएगी। इन इलाकों में बने नक्सलियों के रूट में दाखिल होने के लिए मूलभूत सुविधाएं और आधारभूत संरचनाएं तैयार की जा रही हैं।
बेहतरीन सड़क, बिजली, मोबाइल टॉवर, नल का जल के अलावा केंद्र सरकार की तरफ़ से एक्शन प्लान भी लागू कर दिया गया है। IAP के तहत इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने की क़वायद तेज़ कर दी गई है। दूर दराज क्षेत्रों के 55 जगहों की निशानदेही कर 4जी नेटवर्क मोबाइल टॉवर लगाने की तैयारी की जा रही है।
नक्सलियों की माली हालत (आर्थिक स्रोत) पर चोट करने के लिए बिहार-झारखंड के बॉर्डर के नज़दीक इलाकों में अफीम की खेती नष्ट करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही अफीम की खेती के रोकथाम के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, आर्थिक अपराध इकाई समेत कई अन्य एजेंसियों के संयुक्त रूप से लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
बॉर्डर इलाकों की खुफ़िया जानकारी भी इकट्ठा की जा रही है। वहीं अफीम की खेती के मौसम की शुरुआत होने पर सैटेलाइट से लगातार मॉनीटरिंग की योजना भी तैयार की गई है। वहीं नक्सलियों के लेवी और हथियार नेटवर्क पर भी लगातर चोट किया जा रहा है। 'ऑपरेशन कॉम्बिंग' के जरिए नक्सलियों का सफ़ाय करने के लिए फुलफ्रूफ प्लान पर काम किया जा रहा है।









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