Gaya News: ‘SC-ST मामलों में राज्य सरकार गंभीर, पीड़ित परिवार को तुरंत…’ IAS त्यागराजन एसएम ने कही ये बात
Gaya News: जिला पदाधिकारी गया डॉ. त्यागराजन एसएम और वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती द्वारा समाहरणालय सभाकक्ष में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक का आयोजन किया गया।
ज़िला पदाधिकारी ने जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुसंधान समिति के सभी सदस्यों का स्वागत किया। वित्तीय वर्ष 2024- 25 में इस अधिनियम के तहत प्रथम किस्त कुल 71 लाभुकों को एवं द्वितीय क़िस्त कुल 20 लाभुकों को दिया गया। इस प्रकार राज्य में गया जिला में सर्वाधिक पीड़ितों को लाभान्वित किया गया है। इस पर कुल 54 लाख 12 हजार 02 सौ रुपये का व्यय हुई है।

हत्या के कुल 02 मामले में राहत अनुदान प्रदान किया गया है। हत्या संबंधित पूर्व के मामलों में कुल 64 आश्रितों को पेंशन का भुगतान किया जा रहा है। सभी संबंधित आश्रितों को जुलाई माह तक पेंशन भुगतान अद्यतन है। 2 नए पेंशन के मामलों की स्वीकृति का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जल्द ही इन्हें भी पेंशन उपलब्ध करवाया जाएगा।
इन सभी मामलों में यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता दिए जाने का निर्देश जिला पदाधिकारी द्वारा दिया गया, जिसकी सूची विशेष लोक अभियोजक उपलब्ध कराएंगे। वर्तमान समय में जिला कल्याण विभाग के कार्यालय में कोई भी मुआवजा लंबित नहीं है। प्रत्येक केस में मुकदमा दर्ज करने के समय पीड़ित को डेढ़ सौ रुपया अल्पाहार की भी राशि दी जाती है।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार भी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के मामलों में काफी गंभीर है। सरकार के सर्वोच्च प्राथमिकता है कि संबंधित पीड़ित परिवार को तुरंत सहायता प्रदान किया जा सके। इस आलोक में सभी विभागों का दायित्व है कि निर्धारित समय के अंदर एससी एसटी के पीड़ित परिवारों को मदद दिलवाने सुनिश्चित करें।
बैठक में डीएम ने कहा कि जिस किसी केस में फरार अभियुक्त चल रहे हैं उसे तेजी से गिरफ्तारी करवाये। किसी भी हाल में चार्ज शीट दायर करने में देरी न करें। ज़िला कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि सितंबर 2020 के बाद से SC ST केस में हत्या के मामले में मृतक के आश्रित को 4 ग्रेड में अनुकम्पा की नौकरी दिया जाना है। इसके लीय वैसे संबंधित मामलों में जिला अनुकम्पा समिति को कागजात हैंडओवर किये गए हैं।
वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने बताया कि 1 जुलाई से नए कानून लागू होने से कोई भी व्यक्ति किसी भी थाने में zero FIR दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति अपने घर से थाने में FIR के दर्ज करा सकते हैं उसके लिये उन्हें घर से ही थाना को आवेदन करना होगा एव आवेदन देने के 3 दिनों के बाद थाने में जाकर हस्ताक्षर करना होगा।
SC ST संबंधित पिछले 7 माह में 200 से ऊपर गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने कहा कि कोई भी मामला में वांछित अपराधी चाहे SC ST का मामला हो या अन्य मामला हो, जो भी अपराधी पुलिस के पकड़ से बाहर हैं, हर हाल में गिरफ्तार की जाएगी, कोई भी अपराधी बख्से नही जाएंगे।
डीएम ने मगध मेडिकल कॉलेज अधीक्षक को निर्देश दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने में कोई देरी नही करे, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करते हुए जिला कल्याण कार्यालय को टाइमली भेजते रहे, जिससे SC ST मामले में पीड़ित परिवार को तुरंत सहायता प्रदान किया जा सके।
SC ST की गंभीर घटना घटती है तो उस दौरान कल्याण विभाग के अधिकारी पीड़ित परिवार के पास जरूर जाएं। पूरी जानकारी हासिल करें कि घटना कैसे हुई, कौन इन्वॉल्व थे, सभी आवश्यक कागजातों को प्राप्त भी करते हुए पीड़ित परिवार को तेजी से मुआवजा दिलवाने का कार्य करे।
हर प्रखंड में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी की पदस्थापन है, उन सभी को भी निर्देश दिया है कि आपके क्षेत्र में SC ST के तहत पीड़ित परिवार को अगर अब तक लाभ नही पहुँच पाया है, उसमे क्या समस्या उत्पन्न हुई है, इसकी जानकारी लेते हुए समस्या को समाधान करवाये और तेजी से लाभ पहुंचायें।
बैठक में स्पेशल पीपी (न्यायालय) ने बताया की इस माह SC ST के केस में न्यायालय द्वारा 6 मामलों सिद्ध हुए हैं। जो काफी अच्छा अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति मामले के तहत कोर्ट में सुनवाई के दौरान आने वाले पीड़ित को टी.ए, डी.ए दिया जा रहा है।
इस प्रकार कुल 9 केस में पीड़ित को टी.ए, डी.ए दिया गया है। टी.ए, डी.ए में आने जाने के लिये 200 रुपया और श्रम संसाधन विभाग द्वारा निर्धारित दैनिक मजदूरी की 1 दिन की रकम दी जाती है। वर्तमान में 410 रुपया श्रम संसाधन विभाग की दैनिक राशि निर्धारित है।












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