Gaya News: श्रवण श्रुति की मिली मदद, अपने माता- पिता की आवाज सुन सकेगी इमामगंज की 5 वर्षीय मेघा
Gaya जिले के अब तक 12 बच्चों की सर्जरी कर कानपुर में कॉकलियर इंप्लाट किया गया है। कानपुर में इमामगंज की मेघा की सफलतापूर्वक सर्जरी हुई है।

Gaya जिले के इमामगंज की निवासी मेघा के माता पिता ने महसूस किया कि दूसरे बच्चों की तरह उनकी बेटी प्रतिक्रिया नहीं दे रही है। इसके बाद उन्होंने बच्ची को लेकर कई अस्पतालों का चक्कर लगाया। इसके बाद उन्हें बीमारी का पता चला।
5 वर्षीय मेघा के माता-पिता को जब पता चला कि उनकी बच्ची सुनने की क्षमता से प्रभावित है। उसे आवाज़ सुनाई नहीं देती है। इस बीमारी का पता चलने के बाद वह लोग काफी परेशना हो गए। उसके माता पिता के पास बड़े अस्पताल में इलाज करवाने के पैसे भी नहीं थे।
गांव की आशा वर्कर मुन्नी कुमारी ने मेघा के पिता जयराम सिंह को स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे बच्चों के मुफ्त इलाज के बारे में जानकारी दी। उसने बताया कि श्रवण श्रुति कार्यक्रम के तहत कैंप लगाकर इस तरह के मरीज़ों का इलाज किया जाता है।
जयराम सिंह भी अपनी बच्ची को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से दिखाया। इसके बाद बच्ची की ज़रूर जांच के साथ स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इलाज शुरू किया गया। आपको बता दें कि पिछले साल जून,जुलाई और अगस्त महीने में बड़े पैमाने पर जयप्रकाश नारायण अस्पताल में विशेष अभियान के तहत बच्चों की स्क्रीनिंग करवाई जा रही थी।
इसी दौरान मेघा का भी कानपुर के डॉक्टरों के ज़रिए स्क्रीनिंग हुई। सितंबर महीने में बेरा टेस्ट करवाने के बाद, दिसंबर महीने में विशेष जांच के लिए मेघा को कानपुर भेजा गया। 11 अप्रैल 2023 को इमामगंज की मेघा का सफलतापूर्वक सर्जरी करते हुए कॉकलियर इंप्लाट किया गया।
मेघा के पिता जयराम ने बताया कि वह परदेस में रह कर वह ज़िंदगी गुज़र बसर करते हैं। श्रवण श्रुति की मदद से उन्हें काफी फायदा मिला है। उन्होंने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि वह अपनी बच्ची की सर्जरी करवा सके। जिला पदाधिकारी की खास पहल से इस सर्जरी और इलाज में स्वास्थ्य विभाग की काफी मदद मिली है, सरकार द्वारा सभी खर्च वहन किया गया।
आपको बता दें कि गया जिले में श्रवण श्रुति कार्यक्रम के ज़रिए 12 बच्चों के कानों की कामयाब सर्जरी कर कॉकलियर इंप्लाट किया गया है। अब सभी बच्चे अपने मां- बाप की आवाज़ों पर प्रतिक्रिया दे पा रहे हैं। श्रवण श्रुति कार्यक्रम के तहत कानपुर स्थित मेहरोत्रा ईएनटी अस्पताल में बच्चों की सर्जरी हुई है। बोधगया के 3, बेलागंज के 1, गुरुआ के 1, इमामगंज के 2, शेरघाटी के 1, टिकारी के 3 और वजीरगंज के एक बच्चे की सर्ज़री हुई है।
श्रवण श्रुति कार्यक्रम की समीक्षा बैठक जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एस एम समय-समय पर करते रहते हैं। इसके साथ ही पहले जो सर्जरी हुई है उन बच्चों के हालात का भी जायजा लेते रहते हैं। जिलाधिकारी डॉ० त्यागराजन एस एम ने बताया कि श्रवण श्रुति कार्यक्रम की मदद से उन बच्चों का इलाज सरकार द्वारा किया जा रहा है, जो बच्चे सही से नहीं सुन पाते, या बहरेपन के शिकार हैं। इन बच्चों की सर्जरी और इलाज की पूरी ज़िम्मेदारी सरकार उठा रही है। वहीं उन्होंने सर्जरी हुए बच्चों के अच्छी सेहत की कामना की और उनके माता-पिता को नियमित रूप से बच्चे की थेरेपी की सलाह दी। इसके साथ ही बच्चों के बेहतर खानपान पर भी ध्यान देने पर ज़ोर दिया।
सिविल सर्जन डॉ रंजन कुमार सिंह ने कहा कि कैंप लगाकर जिले में बच्चों की स्क्रीनिंग की तादा को बढ़ाया जा रहा है। इस तरह के बच्चों को ज्यादा से ज्यादा चिन्हित कर इलाज करवाया जा रहा है। बहरेपन के शिकार बच्चों के माता पिता नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टक से मिले। इस बाबत डिटेल्स जानकारी लें। इसके साथ जयप्रकाश नारायण अस्पताल में बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के समन्व्यक से मुलाकात कर सकते हैं। डीपीएम नीलेश कुमार ने कहा कि बच्चों की स्क्रीनिंग के बाद ज़रूरी आवश्यक जांच की जाती है। बहरेपन के शिकार बच्चों के ईलाज की पूरी ज़िम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग उठा रही है।
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