Gaya News: फसल अवशेष प्रबंधन पर डीएम ने दिए सख्त निर्देश, उल्लंघन करने पर किसानों को नहीं मिलेगा यह लाभ
Gaya News: बिहार के गया ज़िले में पराली जलाने की समस्या और फसल अवशेष जिला पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस एम ने काफी चिंता ज़ाहिर की है। खासकर उन्होंने धान की पराली जलाने के मसले से निजात के लिए कई कड़े कदम उठाने का निदेश दिया है।
गया ज़िला पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस एम ने निर्देश देते हुए कहा कि बिना इजाज़त के कम्बाइन हार्वेस्टर के परिचालन पर प्रतिबंध रहेगा। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं सभी कम्बाइन हार्वेस्टरों में एसएमएस (पराली प्रबंधन सिस्टम) से जुड़ना ज़रूरी है।

एसएमएस से जुड़ने के साथ ही किसानों से पराली नहीं जलाने का शपथ पत्र लिया जाएगा। जो किसान निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं का फ़ायदा नहीं मिलेगा। वहीं फसल अवशेष जलाने की शिकायतों के लिए एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।
कम्बाइन हार्वेस्टर से बड़ी मात्रा में पराली निकलती है जिसे किसान जला देते हैं। फसल अवशेष और पराली नहीं जलाने के लिए पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके पीछे की वजह है कि फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होती है। वायु प्रदूषण बढ़ता है जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
गया ज़िला पदाधिकारी के इस फ़ैसले से वातावरण प्रदूषण पर नियंत्रण होगा। वहीं मिट्टी की उर्वरा शक्ति में सुधार होगा जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा। वहीं इस फ़ैसले के बाद किसानों को फसल अवशेषों के वैकल्पिक उपयोग के बारे में जागरूक होंगे। यह निर्णय कानून का राज स्थापित करने में मदद करेगा।












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