QR Code से अब भुगतान ही नहीं उठेगा घर का कूड़ा भी, हाइटेक तकनीक इस्तेमाल कर रहा निगम
QR Code सिस्टम के ज़रिए कूडा उठाने की व्यवस्था पर स्थानीय लोगों का कहना है कि, पहले भी नगर निगम ने कूडा उठाने के लिए कई जतन किए। निगम प्रशासन की 1 हजार 200 सफाईकर्मियों की हाजिरी काटी, वेतन भुगतान रोका, वार्ड प्रभारी....
QR Code के ज़रिए भुगतान से लगभग सभी लोग वाकिफ़ है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अब कूड़ा उठाने के लिए भी क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया जा रहा है। बिहार के विभिन्न ज़िलों में नये साल पर इस सुविधा को चालू करने की कवायद तेज़ हो गई है। इस बाबत नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। बिहार की राजधानी पटना की तर्ज़ पर भागलपुर नगर निगम भी हाइटेक तकनीक अपना रहा है। कूड़ा उठाने के लिए टैक्सधारकों के घर पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा। मिली जानकारी के मुताबिक भागलपुर जिले के 51 वार्डों में टैक्स पेई के मकानों पर क्यूआर कोड लगाने की तैयारी की जा रही है।

हाइटेक तकनीक इस्तेमाल कर रहा निगम
भागलपुर नगर निगम के अधिकारियों की मानें तो क्यूआर कोड लग जाने के बाद कूड़ा उठाने में देर होने की संभावना ना के बराबर होगी। क्योंकि नगर निगम की टीम हर घर के दगवाज़े तक कूड़ा उठाने पहुंचेगी। इसके साथ वहां लगे क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद कंट्रोल रूम के पास जानकारी भेजी। ऐसा करने से कंट्रोल रूम को यह पता चल पाएगा कि संबंधित क्षेत्र से कूड़ा कितने बजे उठाया गया है। किस क्षेत्र में कूड़ा नहीं उठा है। अन सब जानकारियों को ट्रैक करते हुए शहर के विभिन्न गलियों में समय पर कूड़ा उठाना सुनिश्चित किया जाएगा।

कूड़ा उठाने की होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग
योगेश सागर (नगर आयुक्त) की मानें तो इस सुविधा को बहार करने के लिए आईटी सेल को दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है। आईटी सेल सॉफ्टवेयर एजेंसी से बात कर जल्द ही इस काम की शुरुआत करेगी। उन्होंने कहा कि अगर सारी चीज़े सही रही तो जनवरी में इस सुविधा की शुरुआत हो जाएगी। इस व्यवस्था से नगर निगम डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की सेवा को रियल टाइम मॉनिटर कर सकेगा, क्योंकी सारी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। वहीं उन्होंने बताया कि काम में कोई बाधा नहीं आए इसे ध्यान में रखते हुए 8 नए ट्रैक्टर, 4 हायबा और 1 पोकलेन मशीन भी खरीदी जा चुकी है।

कचरा ट्रांसफर स्टेशन का भी होगा निर्माण
भागलपुर को स्वच्छ बनाने के लिए शहर में 4 जगहों पर कचरा ट्रांसफर स्टेशन का भी निर्माण किया जाएगा। लाजपत पार्क के पास में इस बाबत कार्य भी शुरू हो चुका है। आपको बता दें कि इससे पहले बिहार की राजधानी पटना में अक्टूबर (2020) में क्यूआर कोड लगाने का काम शुरू हुआ था। पटना नगर निगम के सभी 75 वार्डों में क्यूआर कोड लगाने का ठेका टेकइंफी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को मिला था। इस योजना में करीब 13 करोड़ रुपए की लागत का बजट तैयार किया गया था।

शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद
क्यूआर कोड सिस्टम के ज़रिए कूडा उठाने की व्यवस्था पर स्थानीय लोगों का कहना है कि, पहले भी नगर निगम ने कूडा उठाने के लिए कई जतन किए। निगम प्रशासन की 1 हजार 200 सफाईकर्मियों की हाजिरी काटी, वेतन भुगतान रोका, वार्ड प्रभारी से लेकर जोनल प्रभारी तक का वेतन में कटौती की गई लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई थी। अब नगर निगम नई व्यवस्था शुरू करने जा रहा है जिससे शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है।

कंट्रोल रूम से कर पाएंगे शिकायत
क्यूआर कोड से कूड़ा उठाने की व्यवस्था की जानकारी तो आपको मिल गई। आइए अब आपको बताते हैं कि क्यूआर के ज़रिए कूड़ा उठाने की प्रक्रिया कैसे पूरी होगी। दरअसल वार्ड के सफाई निरीक्षकों को स्मार्ट फोन या फिर क्यूआर कोड रीडर डिवाइस दिया जाएगा। इसके ज़रिए वह कूडा उठाने के बाद संबंधित मकान पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे। कोड के स्कैन होते ही मकान मालिक के रजिस्टर्ड नंबर पर संदेश जाएगा। कचरा उठ जाने के संदेश के साथ ही एक लिंक भी रहेगा जिसमें वह कूड़ा उठाने से संबंधित फीडबैक या शिकायत भी दे सकते हैं। ऐसा करने से कोई भी निरीक्षक बिना कूड़ा उठाए क्यूआर कोड स्कैन नहीं कर पाएगा। क्योंकि स्कैन करते ही मैसेज मकान मालिक के पास जाएगा। अगर कूड़ा नहीं उठा और कोड स्कैन हुआ तो इसकी शिकायत कंट्रोल रूम में चली जाएगी। इससे फर्ज़ीवाडे से निजात मिलने की उम्मीद है, क्योंकु पहले बिना कूड़ा उठे कागज़ों में कूड़ा उठना दर्ज हो जाता था।
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