सीवान में तेजस्वी की यात्रा से पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की पत्नी ने बनाई दूरी, निकाले जा रहे सियासी मायने
जनविश्वास यात्रा सीवान: बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ़ जन विश्वास यात्रा पर है। वहीं एनडीए गठबंधन पर भी जमकर निशाना साध रहे हैं। इसी क्रम में आज तेजस्वी यादव की जन विश्वास यात्रा सीवान पहुंची।
सीवान पूर्व सांसद स्व. शहाबुद्दीन का गढ़ माना जाता है, इसके साथ ही शहाबुद्दीन राजद के मज़बूत स्तंभ के तौर पर माने जाते थे। सीवान में तेजस्वी यादव मंच से जनता को संबोधित कर रहे थे, लेकिन वहां पूर्व सांसद की पत्नी हीना शहाब मौजूद नहीं थी।

तेजस्वी के मंच से हीना शहाब के नदारद रहने के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। यह चर्चा तेज़ है कि राजद और पूर्व सांसद स्व. शहाबुद्दीन के परिवार में दूरी बढ़ गई है। सियासी गलियारों में यह चर्चा है कि तेजस्वी यादव नहीं चाहते कि 'शहाब परिवार' सियासत में सक्रिय रहे।
सूत्रों की मानें तो सीवान में जनविश्वास यात्रा में शामिल होने का तेजस्वी ने न्यौता तक नहीं दिया। इसलिए हीना शहाब ने तेजस्वी यादव के साथ मंच साझा नहीं किया। इधर तेजस्वी यादव का कार्यक्रम है तो दूसरी तरफ़ हीना शहाब भी आज सीवान में ही जनसंपर्क कार्यक्रम है।
शहाब समर्थकों का कहना है कि तेजस्वी यादव ने सिर्फ़ हमारे नेता के परिवार को ही नज़र अंदाज़ नहीं किया है। उन्होंने अपने समुदाय के लोगों को भी धोखा दिया है। तेजस्वी यादव 'MY समीकरण' की बात करते हैं, तो अशफाक करीम की जगह किसी मुस्लिम उम्मीदवार को राज्यसभा क्यों नहीं भेजा।
यादव समुदाय के हित की बात करते हैं, तो बिहार के यादवों का वोट लेते हैं। जब राज्यसभा भेजने की बारी आई तो हरियाणा के यादव को भेज दिया। राजद ने पूरी तरह से 'MY समीकरण' को ठगा है। वोट बिहारियों का चाहिए औऱ सत्ता पर दूसरे प्रदेशों के लोगों को बैठाएंगे।
तेजस्वी यादव रोज़गार की राग अलाप रहे हैं, इसमे भी बिहार के युवाओं को कम और अन्य प्रदेशों के युवाओं को ज़्यादा नौकरी मिली है। एक बात तो तय है कि राजद भी अन्य पार्टियों की तरह सिर्फ़ वोट लेना जानती है। जनता के हितों के लिए नहीं सोचती है। सीवान में अब हीना शहाब जिधर जाएंगी हम लोग उधर ही जाएंगे।












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