Dularchand Case: दुलारचंद हत्याकांड के बाद मोकामा प्रशासन सख्त, लाइसेंसी हथियार को लेकर जारी किया बड़ा आदेश
जन सुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के बाद मोकामा (पटना) में राजनीतिक तनाव चरम पर है। इस हत्याकांड में पुलिस ने रविवार तड़के जद (यू) (JDU) उम्मीदवार और विवादित पूर्व विधायक अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के बाद चुनाव आयोग (ECI) भी पूरी तरह सख्त हो गया है और लाइसेंसी हथियार जमा करने के साथ ही कई अधिकारियों के तबादले के आदेश दिए हैं।
मोकामा में गुरुवार को जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की प्रचार के दौरान हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। पटना पुलिस ने रविवार तड़के पूर्व विधायक अनंत सिंह को उनके बाढ़ स्थित आवास से हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया। अनंत सिंह मोकामा सीट से जद (यू) के उम्मीदवार हैं।

अन्य गिरफ्तारियां: पुलिस ने घटना के समय मौजूद दो अन्य व्यक्तियों, मणिकांत ठाकुर और रणजीत राम को भी गिरफ्तार किया है। तीनों को जल्द ही मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।
दुलारचंद यादव की मौत का कारण
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है, बल्कि मौत का कारण फेफड़े का फटना और कई पसलियों का टूटना बताया गया है।
हत्याकांड में क्या है पुलिस का बयान?
पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह हत्या का मामला साबित होता है। जांच में पता चला है कि घटना के समय अनंत सिंह अपने सहयोगियों के साथ घटनास्थल पर मौजूद थे।
चुनाव आयोग का कड़ा रुख और प्रशासनिक फेरबदल
दुलारचंद हत्याकांड को देखते हुए, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बिहार विधानसभा चुनावों के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तुरंत कड़े निर्देश जारी किए हैं।
- हथियार जमा करने का आदेश: आयोग ने बिहार में तैनात अपने 348 चुनाव पर्यवेक्षकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि लाइसेंसी हथियारों को शत-प्रतिशत जमा कराया जाए और अवैध हथियारों की जब्ती की जाए।
- अधिकारियों पर कार्रवाई: ईसीआई ने मोकामा में हिंसा का कड़ा संज्ञान लेते हुए पटना के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विक्रम सिहाग के तबादले का आदेश दिया।
- तीन अधिकारी निलंबित: आयोग ने बार अनुमंडल पदाधिकारी (जो मोकामा के रिटर्निंग अधिकारी भी हैं), बारह-1 के अनुमंडल पुलिस अधिकारी और बारह-2 के अनुमंडल पुलिस अधिकारी को बदलने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया है। बारह-2 के अनुमंडल पुलिस अधिकारी अभिषेक सिंह को निलंबित करने का आदेश दिया गया है।
- विस्तृत रिपोर्ट की मांग: चुनाव आयोग ने इस घटना पर जिला निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और आरोप-प्रत्यारोप
मृतक के पोते द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी (FIR) में अनंत सिंह और चार अन्य लोगों को नामजद किया गया है।
जन सुराज पार्टी का बयान
जन सुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी ने गिरफ्तारी को सही ठहराया, लेकिन पुलिस कार्रवाई में देरी पर सवाल उठाया। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की।
अनंत सिंह का दावा
गिरफ्तारी से पहले अनंत सिंह ने इस हमले को राजद उम्मीदवार वीणा देवी के पति पूर्व सांसद सूरज भान सिंह की साजिश करार दिया था। उन्होंने दावा किया था कि दूसरे उम्मीदवार के समर्थकों ने हमला किया था। अनंत सिंह पर बड़ी संख्या में काफिले के साथ घूमने के लिए आचार संहिता उल्लंघन का मामला भी दर्ज किया गया है।
बिहार में 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में चुनाव होने हैं, और इस घटना से राजनीतिक माहौल और भी गरमा गया है।












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