बिहार के डॉक्टरों ने किया अनोखा चमत्कार, जानें कैसे लड़की को बना दिया लड़का
पटना। बिहार के पटना में डॉक्टरों ने एक अनोखा करिश्मा कर दिखाया है। आईजीआईएमएस के डॉक्टरों ने एक लड़की को लड़का बना दिया है। जिस लड़की को लोग बारह वर्ष से लड़कियों के सलवार सूट में देखते थे उसे अब जींस और शर्ट पहनाकर उसके गांव भेजा जा रहा है। जो कभी लड़की थी उसे डॉक्टरों की टीम ने उसके कुदरती रूप को सजा उसे लड़का बना दिया है। यह कारनामा आइजीआइएमएस चाइल्ड सर्जन डॉ. विनीत ठाकुर और उनकी टीम ने किया है।

परिजनों को थी शंका
जहानाबाद के रहनेवाले दंपत्ति अपनी बेटी की हरकतों की वजह से लगातार शंका में जी रहे थे और लड़के को लड़की समझकर 12 वर्षों से उसका पालन-पोषण कर रहे थे। उन्हें पता नहीं था कि जिसे 12 वर्ष से लड़की समझकर उसकी देखभाल कर रहे हैं वह असल में लड़का है। पिछले कुछ माह में उसकी हरकतों को देख परिजनों को संदेह होने लगा जिसके बाद परिजनों ने चिकित्सक से दिखाने का निर्णय लिया।

लड़की में लड़के का जीन मौजूद
परिजनों ने सबसे पहले बच्चे को जहानाबाद के स्थानीय चिकित्सकों से दिखाया तो वहां के डॉक्टरों ने आइजीआइएमएस रेफर कर दिया। परिजन फिर आइजीआइएमएस में चाइल्ड सर्जन डॉ. विनीत ठाकुर से मिलें और उन्हें इसके हाल चला और रहन-सहन की पूरी कहानी बताई। डॉक्टर को भी शक हुआ तो उन्होंने इसकी जांच की और जांच के बाद जो मामला सामने आया उससे सभी दंग रह गए। डॉक्टर ने परिजनों को बताया कि जिस बच्चे को लड़की समझ वे उसका लालन-पालन कर रहे हैं, वास्तव में उसमें 80 प्रतिशत तक लड़कों का डीएनए मौजूद है। उन्होंने परिजनों को बताया कि एक छोटी सी सर्जरी कर उस लड़की को लड़का बनाया जा सकता है। परिजनों को समझाने के बाद वे मान गए और फिर लड़की का ऑपरेशन कर उसे लड़का बना दिया गया और अब वह स्वस्थ है।

डॉक्टर के नाम पर रखा बच्चे का नाम
अद्भुत विलक्ष्ण वाले इस बच्चे के माता-पिता का कहना है कि डॉक्टरों ने उसे नया जीवन दिया है। पहले किसी आशंका से डर लग रहा था। लड़की को कई जगह दिखाया लेकिन इस बारे में कुछ पता नहीं चला। यहां आने के बाद डॉक्टरों ने भय मुक्त किया और मेरे बेटे को नया जीवन दिया है। इसलिए नया जीवन और पहचान देने वाले डॉक्टर विनीत ठाकुर के नाम पर ही अपने बच्चे का नाम विनीत कुमार रखा है।

डाक्टर ने दी ये सलाह
डॉक्टर विनीत कुमार ने कहा कि बच्चे के शरीर की जेनेटिक और हार्मोनल जांच की गई तो उसमें पता चला की वह पुरुष है और विकृत जननांग के कारण उसकी स्थिति लड़कियों जैसी दिखती थी। किसी बच्चे में विकृत अंग दिखे तो उसे छुपाना नहीं चाहिए बल्कि उसका समुचित इलाज विशेषज्ञ डॉक्टर की देखरेख में करवानी चाहिए। उसके बाद सर्जरी के लिए चिकित्सकों की टीम बनाई गई। डॉक्टरों की टीम ने तीन चरणों में बच्चे की सर्जरी की। बच्चे की सर्जरी करने वाले टीम के लीडर डॉक्टर विनीत कुमार ने कहा कि फिलहाल बच्चा अस्पताल में भर्ती है। उसे दो दिन बाद घर जाने की इजाजत दी जाएगी।












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