शराब पीने वालों को सीएम नीतीश कुमार ने कहा ' महापापी ', शराबबंदी कानून संशोधन विधेयक पर कही ये बात
मुंबई। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद में शराबबंदी कानून संशोधन विधेयक पर बात करते हुए कहा कि जहरीली शराब से जिन लोगों की मौत हुई हैं। उनको कोई राहत नहीं दी जाएगी। वहीं शराब के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि जो बापू जी की बात को नहीं मानते हैं। वे हिंदुस्तानी नहीं हैं। वो महापापी और महाअयोग्य हैं। उनके लिए कोई सहानुभूति नहीं।

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इसके अलावा सख्त रवैया अपनाते हुए सीएम नीतीश कुमार ने आगे कहा कि दुनिया भर में शराब का कितना बुरा असर है। राज्य में शराबबंदी के कारण लोग अब सब्जी खरीद रहे हैं। पहले राज्य में सब्जी का इतना उत्पादन नहीं होता था। जो पहले पैसे शराब पीने में बर्बाद करता था। वो अब पैसा बर्बाद नहीं करेगा और यही सब काम में लाएगा। देखिए उनके घर में कितना अच्छा भोजन होगा। जरा महिलाओं से पूछें।
नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में 2018 तक सरकार द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार 1 करोड़ 74 लाख लोगों ने शराब पीना बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य इससे होने वाली आय के कारण शराब पर प्रतिबंध नहीं लगाते हैं, लेकिन "अगर कोई शराब पर पैसा बर्बाद करता है, तो वह शराब पीना बंद कर देता है, वह उस पैसे का इस्तेमाल अपने घर को चलाने के लिए करेगा"। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई शराब का सेवन करने जाता है तो उसके कार्यों के लिए उसे दोषी ठहराया जाता है।
विधानसभा द्वारा ध्वनि मत से पारित विधेयक को अब राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार होगा, जिसके बाद पहली बार अपराध करने वालों को जुर्माना जमा करने के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट से जमानत मिल जाएगी। हालांकि, यदि व्यक्ति इसका भुगतान करने में विफल रहता है, तो उसे एक महीने की जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है।बिहार सरकार 2016 के अधिनियम के "अप्रभावी कार्यान्वयन" के आरोपों का सामना कर रही है। जिसने राज्य में शराब पर प्रतिबंध लगा दिया।












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