Caste Census Report जारी होने के बाद क्या PM उम्मीदवारी की रेस में राहुल से आगे निकले CM नीतीश?
INDIA Alliance PM Face, CM Nitish Or Rahul: बिहार में जाति आधारिक गणना रिपोर्ट जारी होने के बाद से ही सियासा पारा चढ़ गया है। पक्ष और विपक्ष के नेता अपनी-अपनी बात रख रहे हैं। वहीं सियासी गलियारों में अलग ही अटकलों पर चर्चा तेज़ हो चुकी है कि, जाति आधारित गणना के आंकड़े सार्वजनिक करने के बाद सीएम नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन की पीएम उम्मीदवारी की रेस में राहुल से आगे निकल गए हैं।
सियासी चर्चा के बीच वन इंडिया हिंदी से चुनावी रणनीतिकार बद्रीनाथ ने ख़ास बातचाती की, उन्होंने इंडिया गठंबधन के पीएम उम्मीदवारी के मुद्दे पर बेबाकी से अपनी बात रखी और सियासी समीकरण भी बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सियासी फ़िज़ा बदलने के लिए अपनी अलग पहचान रखने वाले सीएम नीतीश कुमार ने जातिगत गणना की रिपोर्ट सार्वजनिक कर एक बड़ा दांव खेल दिया है।

सीएम नीतीश कुमार ने रिपोर्ट जारी कर अपना सियासी क़द और ज़्यादा बढ़ा लिया है। रिपोर्ट जारी करने से ना उन्होंने अपने विरोधियों के खिलाफ़ तीर छोड़ा है, बल्कि अपनों को भी निशाने पर ले लिया है। इसका सबसे जट्दा असर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर होता नज़र आ रहा है। ग़ौरतलब है कि पीएम उम्मीदवारी की रेस में नीतीश और राहुल का नाम सबसे ज़्यादा चर्चा में हैं।
बिहार में हुई जातीय गणना में सबसे बड़ा समुदाय OBC और EBC को मिलाकर बनता है। सियासी समीकरण बदलने में इस समुदाय अहम किरदार रहेगा। इस समुदाय पर ही केंद्र की सियासत भी दांव खेलने से नहीं चूक रही है, ख़ुद पीएम मोदी इसका प्रतिनिधित्व करते दिख रहे हैं। वहीं उस समुदाय से ताल्लुक रखने वाले सीएम नीतीश कुमार खुद भी इसकी वक़ालत करते नज़र आ रहे हैं।
जाति आधारित गणना की रिपोर्ट के मुताबिक, OBC और EBC मिलाकर प्रदेश की 63 फीसदी आबाद इस समुदाय हैं। वहीं दलित समुदाय को शामिल कर लें तो यह आंकड़ा 84 फीसद के करीब पहुंच रहा है। ऐसे में साफ़ ज़ाहिर है कि सीएम नीतीश कुमार के लिए जाति आधारित गणना ने केंद्र की सियासत में पीएम उम्मीदवार की दावेदारी के लिए रास्ते खोले दिए हैं।












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