Bihar News: CAA ग़लत या सही, अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने कहा- मुस्लिमों को छोड़कर...
Minority On CAA: लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कुछ ही दिनों में हो सकता है। उससे पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA, Citizenship Amendment Act) को लेकर देश पर में सियासत तेज़ हो चुकी है।
वन इंडिया हिंदी की टीम CAA को लेकर मुस्लिम समुदायों के बीच क्या माहौल है जानने ग्राउंड पर पहुंची। विभिन्न लोगों से इस मुद्दे पर बात की। लोगों ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम सही है, लेकिन मुस्लिम को इससे वंचित रखना यह भाजपा की मानसिकता दर्शाती है।

पीएम मोदी और अमित शाह धर्म की सियासत करते हैं। CAA उसी का नमूना है कि ज्यादातर धर्मों के लोग जो बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से हिदुस्तान आए, उसे भारत की नागरिकता दी जा रही है।
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केंद्र सरकार नागरिकता ही देना चाहती है तो सभी धर्म के लोगों को नागरिकता दे और सभी मुल्कों के लोगों को दे। चुनावी मौसम में इन मुद्दों को हवा इसलिए दी जाती है, क्योंकि असल मामलों से लोगों जनता को डायवर्ट किया जा सके।
भारतीय जनता पार्टी अभी इलेक्टोरल बॉन्ड मामले में घिरती जा रही थी। वह मामला तूल नहीं पकड़े इसलिए नया मुद्दा उछाल दिया ताकि लोग उसमें फंसे रहे। भाजपा की खामियों को उजागर नहीं कर सके। युवाओं को रोज़गार नहीं है, देश के जो नागरिक हैं, उसके हालात सही नहीं है।
देश के लोगों के हालात को सुधार नहीं पा रहे हैं, लेकिन बाहर से आ लोगों की फिक्र कर रहे हैं। अपने देश के लोगों के हालात सुधारने के बाद, दूसरे देश के प्रवासियों को नागरिकता दी जाती तो यह पहल सरहानीय था। अभी सिर्फ़ यह एक चुनावी मुद्दा और वोट की सियासत के अलावा कुछ नहीं है।
CAA के तहत दिसंबर 2014 से पहले भारत आए बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के लोगों को हिंदुस्तान की नागरिकता दी जाएगी। आपको बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 11 मार्च 2024 को CAA 2019 की अधिसूचना जारी कर दी है।












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