बिहार की राजनीति में क्या 'बड़ा' और नया होने वाला है? अचानक बदल रही सियासी फिजा के 5 संकेत
बिहार की राजनीतिक फिजा में एक बार फिर से बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अचानक कुछ ऐसे कार्य किए हैं, जिससे लग रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ बड़ी सियासी उलटफेर देखने को मिल सकती है।
हम यहां उन पांच संकेतों को समझने की कोशिश करेंगे, जो जेडीयू सुप्रीमो या बिहार के सीएम नीतीश कुमार से सीधा जुड़ा है। क्योंकि, बिहार और देश की राजनीति में नीतीश अब सबसे अप्रत्याशित नेता बन चुके हैं। उनका अगला कदम क्या होने वाला है, इसके बारे में शायद सिर्फ और सिर्फ वही जानते हैं।

1) पीएम उम्मीदवार पर पार्टी की दावेदारी, फिर सीएम का जेडीयू दफ्तर पहुंचना
रविवार सुबह पहले जेडीयू नेता और बिहार विधानसभा में डिप्टी स्पीकर महेश्वर हजारी ने अचानक दावा किया कि नीतीश कुमार विपक्षी गठबंधन इंडिया के पीएम पद के उम्मीदवार होंगे। यह ऐसा दावा है, जो जेडीयू की ओर से बार-बार किया जा रहा है, लेकिन नीतीश अपने मुंह से मना करते आए हैं।
फिर मुख्यमंत्री अचानक पटना स्थित जदयू कार्यालय पहुंच जाते हैं, जिसकी किसी को भी भनक नहीं रहती। उन्हें इस तरह से देखकर पार्टी नेता और कार्यकर्ता भी हैरान रह जाते हैं। पार्टी के लोगों से मिल-मिलाकर फिर वे वहां से चले जाते हैं।
2) राबड़ी देवी के आवास पर पहुंचे
नीतीश पूर्व सीएम और राजद नेता राबड़ी देवी के आवास पर पहुंच जाते हैं। जानकारी मिली की वहां उन्होंने डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से मुलाकात की। यह थोड़ी सी अटपटी बात है कि सीएम खुद डिप्टी सीएम से मुलाकात के लिए पहुंचे हों। यह सामान्य शिष्टाचार और प्रोटोकॉल से भी मेल नहीं खाता। दूसरी खबरें ये आईं कि वह तो लालू यादव से मिलने गए थे, लेकिन राजद अध्यक्ष बड़े बेटे और नीतीश के मंत्री तेज प्रताप के साथ राजगीर निकल गए थे। इस थ्योरी में भी झोल है कि सीएम को इस बात की जानकारी नहीं रही हो कि लालू वहां नहीं हैं।
3) सोमवार को बुलाई कैबिनेट बैठक
सीएम नीतीश कुमार ने सोमवार दोपहर बाद साढ़े तीन बजे कैबिनेट बैठक बुलाई है। जबकि, आमतौर पर यह शुक्रवार को होती है। इस बैठक को लेकर सबसे ज्यादा अटकलें हैं कि इसमें कैबिनेट विस्तार पर फैसला हो सकता है। इसके अलावा शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की भी चर्चाएं हैं।
कैबिनेट विस्तार का सबसे बड़ा गतिरोध कांग्रेस की दावेदारी है। जानकारी के मुताबिक 19 विधायकों वाली पार्टी 2 से कम मंत्री पद के लिए तैयार नहीं है। विपक्षी गठबंधन इंडिया की वजह से यह बहुत ही उलझा हुआ मसला है।
नीतीश की पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं जाहिर होने देने की शर्त पर ओआई के वरिष्ठ संवाददाता इंज़माम वहीदी से कहा कि जदयू मुख्यमंत्री को पीएम पद के उम्मीदवार के तौर पर प्रोजेक्ट करना चाह रहा है। उन्होंने गठबंधन बनाने के लिए बहुत कुछ किया है, लेकिन संयोजक पद का मामला भी लटका हुआ है। दूसरी तरफ कांग्रेस राज्य में मंत्री पद को लेकर अड़ी हुई है। यह सब महत्वपूर्ण विषय हैं।
4) अचानक बख्तियारपुर जाने की खबरें
कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नीतीश अचानक बख्तियारपुर भी पहुंचे और वहां अपने पैतृक आवास पर स्थानीय लोगों से मुलाकात की। खबरों के मुताबिक जेडीयू कार्यालय की तरह यहां भी उनके पहुंचने की सूचना किसी को नहीं थी।
5) उपेंद्र कुशवाहा का नीतीश को लेकर बड़ा बयान
पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरएलजेडी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा है कि 'हम देख रहे हैं कि वे व्यक्तिगत रूप से परेशान हैं....जहां तक मैं उन्हें जानता हूं उन्होंने राजनीति में ऐसी स्थिति बर्दाश्त नहीं की है......मजबूरी उनकी हो सकती है...झेल रहे हैं.....महागठबंधन में नीतीशजी की स्थिति दमघुटन की स्थिति है.....ललन सिंह जी जेडीयू के अध्यक्ष कम हैं...आरजेडी के ज्यादा हैं......'












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