Bihar Politics: आरक्षण का दायरा बढ़ाने के साथ ही उठ रही एक और मांग, BJP ने बताई क्या है ज़रूरत
Bihar Politics, Reservation Quota Updates In Hindi: बिहार विधानसभा में आज (बुधवार) को शीतकालीन सत्र का तीसरा दिन है। उम्मीद जताई जा रही है कि सदन में आरक्षण का दायरा बढ़ाने को लेकर आज बिल पेश किया जा सकता है। वहीं भाजपा ने प्रदेश सरकार के आरक्षण का दयारा बढ़ाने के बिल का समर्थन किया है। इसके साथ ही एक मांग भी रख दी है।
भाजपा के दिग्गज नेता सुशील कुमार मोदी आरक्षण का दायरा (50 बढ़ाकर से 65 फीसद) बढ़ाने को लेकर प्रदेश सरकार के फ़ैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनसंघ और भाजपा सरकार के दैरान पिछड़ों-अति पिछड़ों को हमेशा इज़्ज़त दी गई है।

सुशील मोदी ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर की सरकार ने 26 फीसदी आरक्षण पिछड़ी जातियों को दिया था। उस दौरान जनसंघ के कैलाशपति मिश्र प्रदेश सरकार में शामिल थे। पंचायत और नगर निगम के चुनावों में पिछड़ों को आरक्षण देने के दौरान NDA सरकार में BJP शामिल थे।
इन सब मुद्दों के साथ ही सुशील मोदी ने कहा कि अब ज़रूरत है कि पंचायत और नगर निकाय चुनाव में भी आरक्षण सीमा को बढ़ाकर 37 फीसदी कर दिया जाए। वहीं अपनी पार्टी की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में जातीय जनगणना कराने का फ़ैसला NDA सरकार का ही फैसला था।
बिहार की सत्ता से उस वक्त राजद और कांग्रेस बाहर थे, लेकिन आज क्रेडिट लेने में यह लोग आगे आ रहे हैं। पिछड़ों का कभी भी राजद और कांग्रेस पार्टी ने सम्मान नहीं किया है। राबड़ी देवी की सरकार ने साल 2001 में पिछड़ों को आरक्षण नहीं दिया और पंचायत चुनाव भी करवा दिया।
केंद्र और राज्यों की कुर्सी पर कांग्रेस थी तो मंडल आयोग रिपोर्ट दबाई गई, काका कालेलकर समिति की रिपोर्ट को डस्टबिन में फेंका और आरक्षण के खिलाफ भी थी। वहीं बिहार भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार के आरक्षण का दायरा बढ़ाने को लेकर सदन में पेश किये जाने वाले बिल का भाजप समर्थन करेगी।












Click it and Unblock the Notifications