Bihar Politics: 'बिहार को और कितना लुटेंगे'? IRCTC मामले में BJP ने लालू परिवार पर बोला हमला
Ravi Shankar Prasad IRCTC Case: बिहार की राजनीति में सोमवार, 13 अक्टूबर को एक अलग ही भूचाल देखने को मिला जब IRCTC घोटाला मामले में लालू परिवार पर आरोप तय हुए। उसके बाद बिना देर किए भाजपा ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि घोटाले, सरकारी ठेकों में हेराफेरी और नौकरी का वादा करके लोगों की जमीन हड़पना ही राजद शासन का मॉडल है।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने कहा कि अदालत ने लालू परिवार पर जो आरोप लगाए हैं, वे बहुत गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बिहार बदलने का दावा करते हैं, जबकि उनके खिलाफ धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का केस कोर्ट ने फ्रेम किया है।

रेलवे होटल और जमीन के घोटाले से जुड़ा मामला
रविशंकर प्रसाद ने बताया कि ब्रिटिश काल में रेलवे के दो होटल थे-एक रांची और दूसरा पुरी में। बाद में रेलवे ने इन होटलों को लीज पर देने का फैसला किया। पटना की सुझाता होटल को आवेदन के लिए योग्य पाया गया, जबकि अन्य टेंडर अस्वीकार कर दिए गए।
सांसद ने आरोप लगाया कि होटल मालिक कोचर ब्रदर्स के पास पटना के बैली रोड पर 3 एकड़ जमीन थी, जिसकी कीमत 95 करोड़ रुपये थी। यह जमीन कम कीमत में प्रेम गुप्ता को बेची गई और फिर और भी कम कीमत पर यादव परिवार को हस्तांतरित कर दी गई।
तेजस्वी और राबड़ी देवी की संपत्ति पर सवाल
रविशंकर प्रसाद ने तेजस्वी और राबड़ी देवी की संपत्ति का ब्यौरा देते हुए कहा कि तेजस्वी यादव के पास 1993 से 2007 के बीच 9 कृषि भूमि, 2 गैर-कृषि भूमि और 2 वाणिज्यिक प्लॉट थे। राबड़ी देवी के पास 3 कृषि भूमि, 2 गोपालगंज और 1 पटना में, इसके अलावा 5 पॉवर ऑफ अटॉर्नी वाली जमीनें हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी संपत्ति कहां से आई और किस आधार पर बिहार के लोगों को नौकरी का लालच देकर जमीन हड़पने की कोशिश की जा रही है। प्रसाद ने कहा कि लालू परिवार का शासन मॉडल चारा खाना, कोलतार पीना, सरकारी ठेकों में हेराफेरी और नौकरी का वादा करके जमीन हड़पना रहा है। उन्होंने बिहारवासियों से अपील की कि तेजस्वी यादव के नौकरी के वादों के झांसे में न आएं।
तेजस्वी यादव ने क्या कहा?
वहीं, तेजस्वी यादव ने भाजपा के आरोपों को नकारते हुए कहा कि जब तक भ्रष्टाचार और संविधान विरोधी भाजपा सत्ता में है, वे इसके खिलाफ लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह आरोप केवल राजनीतिक बदनामी फैलाने का प्रयास है।
भाजपा के आरोप और तेजस्वी यादव के पलटवार के बाद बिहार में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। भाजपा का कहना है कि यह मामला भ्रष्टाचार, सरकारी संपत्तियों के गलत बंटवारे और आम जनता के शोषण का प्रतीक है। वहीं राजद इसे राजनीतिक निशाना साधने का प्रयास मान रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार में राजनीतिक विवाद, भ्रष्टाचार और न्यायिक प्रक्रिया पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।












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