Bihar Politics: अगर हिम्मत है तो विधानसभा चुनाव लड़कर दिखाएं, Prashant Kishor ने किसे दी चुनौती?
Bihar Politics: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत ने बिहार के शासन में क्रांति लाने के उद्देश्य से 'बिहार बदलाव यात्रा' के तहत सीवान का दौरा किया। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे की आलोचना की। किशोर ने 2015 में पांडे की अति आत्मविश्वासी भविष्यवाणी को याद किया जब उन्होंने दावा किया था कि भाजपा 200 सीटें जीतेगी लेकिन अंत में केवल 55 सीटें ही मिलीं।
प्रशांत किशोर ने लोकसभा चुनावों के दौरान बंगाल में पांडे के असफल कार्यकाल का भी उल्लेख किया। वही स्वास्थ्य मंत्री के रूप में मंगल पांडे की वर्तमान भूमिका पर भी तीखी बयानबाज़ी की। कोविड महामारी के दौरान बिहारियों को हुई परेशानियों का ज़िम्मेदार मंगल पांडे को ठहराया। एनएमसीएच अस्पताल में एक मरीज के पैर के अंगूठे को चूहों ने कुतर दिए था, यह उनकी अक्षमता का सबूत है।

कथित तौर पर भाजपा नेतृत्व मंगल पांडे को आगामी विधानसभा चुनाव लड़ाना चाह रहा है। प्रशांत किशोर ने कहा कि ये लोग अवसरवादी हैं जो सीधे चुनावी मुकाबले से बचते हैं। अगर हिम्मत है, जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता है तो विधानसभा चुनाव लड़ें। पीके की यह टिप्पणी बिहार में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच आई है।
प्रशांत किशोर ने मंगल पांडे की ईमानदारी और प्रभावशीलता पर सवाल उठाकर, सियासी गलियारों में अलग ही बहस छेड़ दी है। 'बिहार बदलाव यात्रा' के माध्यम से प्रशांत किशोर राजनीतिक और नेताओं में बदलाव उम्मीद कर रहे हैं। उनकी बयानबाज़ी कथित सरकारी कमियों के खिलाफ़ जनमत जुटाने की एक रणनीति का हिस्सा है।
प्रशांत किशोर ने शासन प्रणाली में सुधार लाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए बिहार में अपनी यात्रा जारी रखी है। उनकी आलोचनाएँ जनता की चिंताओं को दूर करने में प्रभावी नेतृत्व और जवाबदेही के महत्व की याद दिलाती हैं। 'बिहार बदलाव यात्रा' राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में सार्थक बदलाव की वकालत करने का एक मंच बनी हुई है।












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