Bihar News: महागठबंधन के वोट बैंक में सेंधमारी के लिए BJP का एक और दांव, जानिए क्या है प्लान?
Bihar News, Caste Politics: बिहार में लोकसभा चुनाव की तैयारी के साथ ही विधानसभा चुनाव की भी सुगबुगाहट तेज़ हो गई है। इसी क्रम में महागठबंधन सरकार, जातीय सर्वे के बाद आरक्षण का दायरा बढ़ाने की पहल का सियासी माइलेज ले रही है। वहीं महागठबंधन के वोट बैंक में सेंधमारी के लिए भाजपा ने भी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। आइए समझते हैं क्या है प्रदेश का सियासी गणित?
बिहार में एनडीए के साथ जदयू थी तो यादव समुदाय के ज़्यादातर वोट एनडीए के पक्ष में था। अब जदयू ने महागठंबधन से हाथ मिला लिया है, तो एनडीए के पाले से पिछड़ा और अतिपिछड़ा वोट बैंक की ग्रिप छूट रही है। सियासी समीकरण को देखते हुए भाजपा नया दांव खेल रही है।

पिछड़ा और अतिपिछड़ा वोट बैंक को साधने के लिए रणनीति तैयार करने में जुट गई है। सीएम नीतीश कुमार ने 65 फीसद आरक्षण का लॉलीपॉप देते हुए पिछड़ों और अतिपिछड़ों को अपने पाले में लाने की कामयाब कोशिश की। वहीं भाजपा ने आरक्षण पर अपनी सियासी रोटी सेंकते हुए, प्रदेश में आरक्षण का दायरा 70 फीसद का शगुफ़ा छोड़ दिया।
भाजपा नेताओं ने आरक्षण के दायरे में से 5 फीसद अतिपिछड़ों को मिले ताकि, निचले स्तर तक के लोगों को आरक्षण का लाभ मिल सके। बिहार भाजपा के दिग्गज नेता अतिपिछड़ों के बीच जाकर अपनी पकड़ मज़बत करने में जुट गए हैं। वहीं बिहार में MY समीकरण को तोड़ने के लिए भी भाजपा चुनावी प्लान तैयार कर रही है।
एमवाई समीकरण को कमज़ोर करने के लिए भाजपा ने गोवर्धन पूजा के सहारे प्रदेश के सभी जिले से यादवों के महाजुटान की तैयारी की जा रही है। बापू सभागार पटना मे यादवों के शक्ति प्रदर्शन के लिए केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय साथ, नंदकिशोर यादव, नवल किशोर यादव और रामकृपाल यादव ने पूरी ताक़त झोंक दी है।
यादवों के महजुटान के ज़रिए भाजपा प्रदेश भर में यह संदेश देना चाहती है कि भाजपा यादवों की सत्ता में हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है। इसके साथ ही महागठबंधन की तरफ़ से यादवों को रुख मोड़कर एनडीए की तरफ़ लाना है। लोकसभा चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ, भाजपा ने विधानसभा चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी है।












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