Bihar Assembly Speaker: इस नेता का विधानसभा अध्यक्ष बनना तय! 9 वीं बार चुने गए हैं MLA
Bihar Assembly Speaker: बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. सूत्रों की मानें तो गया टाउन सीट से बीजेपी के वरिष्ठ विधायक और दलित समुदाय से आने वाले डॉ. प्रेम कुमार का नाम स्पीकर पद के लिए सबसे आगे चल रहा है.
उनके इस पद पर आसीन होने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है, जो बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा. वे 9वीं बार विधायक चुने गए हैं और उनके अनुभव का लाभ सदन को मिलेगा.

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा से मुलाकात और सियासी संकेत
मंगलवार को डॉ. प्रेम कुमार ने डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के सरकारी आवास पर उनसे मुलाकात की, जिसके बाद अटकलें और तेज हो गईं. इस बैठक को स्पीकर पद को लेकर महत्वपूर्ण राजनीतिक बातचीत के रूप में देखा जा रहा है. मुलाकात के बाद प्रेम कुमार ने मीडिया से कहा कि "पार्टी जो तय करेगी, उस भूमिका में रहेंगे," जिसने उनकी संभावित नियुक्ति को लेकर कयासों को और हवा दी.
विजय सिन्हा का समर्थन
अनुभव और वरिष्ठता पर जोर डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने भी डॉ. प्रेम कुमार की उम्मीदवारी का खुलकर समर्थन किया. उन्होंने कहा, 'मैं भी स्पीकर रह चुका हूं... प्रेम कुमार सदन में बीजेपी के सबसे सीनियर विधायक हैं. उम्मीद है कि प्रेम कुमार जी सदन को अच्छे से चलाएंगे.' सिन्हा ने उनकी वरिष्ठता और अनुभव को उजागर करते हुए यह स्पष्ट संकेत दिया कि प्रेम कुमार इस पद के लिए पार्टी की पहली पसंद हैं.
एनडीए गठबंधन में बीजेपी को मिलेगी सदन की कमान
सूत्रों के अनुसार, एनडीए गठबंधन में इस बार विधानसभा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी बीजेपी को मिल सकती है. पार्टी डॉ. प्रेम कुमार जैसे अनुभवी और वरिष्ठ नेता को इस पद पर लाकर न केवल सदन का कुशल संचालन सुनिश्चित करना चाहती है, बल्कि एक दलित चेहरे को महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर बैठाकर सामाजिक समीकरणों को भी साधने का प्रयास कर रही है.
प्रेम कुमार का लंबा राजनीतिक सफर
दलित नेता का उत्थान डॉ. प्रेम कुमार गया टाउन विधानसभा क्षेत्र से रिकॉर्ड 9वीं बार विधायक चुने गए हैं. उनका राजनीतिक सफर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है. वे बिहार सरकार में विभिन्न विभागों में मंत्री पद संभाल चुके हैं और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी निभा चुके हैं. उनका विधानसभा अध्यक्ष बनना बिहार की राजनीति में दलित प्रतिनिधित्व को एक नई ऊंचाई देगा.












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