नीतीश को लेकर अगर डील हुई फ़ाइनल तो बिहार को मिल सकता है BJP का पहला मुख्यमंत्री
बिहार में सियासी घमासान के बीच नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा सुर्खियों में है। हालांकि जदयू नेताओं का कहना है कि नीतीश कुमार अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे इससे पहले वह राज्यसभा का रुख नहीं कर रहे हैं।
पटना, 2 अप्रैल 2022। बिहार में सियासी घमासान के बीच नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा सुर्खियों में है। हालांकि जदयू नेताओं का कहना है कि नीतीश कुमार अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे इससे पहले वह राज्यसभा का रुख नहीं कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सियासी गलियारों में यह चर्चा ज़ोरों पर है कि नीतीश कुमार की अगर भारतीय जनता पार्टी के साथ डील पक्की हो गई तो वह बिहार की सियासत से किनारा कर सकते हैं।

क्या नीतीश कुमार करेंगे प्रदेश की सियासत से किनारा ?
बिहार में यह चर्चा सुर्खियों में है कि भारतीय जनता पार्टी नीतीश कुमार को उपराष्ट्रपति का ऑफ़र देगी तो वह राज्यसभा की तरफ़ रुख कर सकते हैं। इसके साथ ही सूत्रों के हवाले से ख़बर आ रही है कि नीतीश कुमार ने उपराष्ट्रपति के बजाए राष्ट्रपति पद की मांग की है। अगर भारतीय जनता पार्टी उन्हें राष्ट्रपति पद देने के लिए राज़ी हो जाती है तो नीतीथ कुमार राज्य की राजनीति से किनारा कर लेंगे। बिहार के सियासी गलियारों में यह भी चर्चा हो रही है कि बिहार में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है इसलिए वह प्रदेश में अपना मुख्यमंत्री बनाना चाह रही है। अगर नीतीश कुमार की बात पर भाजपा सहमती दर्ज करती है तो बिहार में सीएम की कुर्सी पर भाजपा के उम्मीदवार बैठेंगे।

कांग्रेस को भी झटका देने की तैयारी
बिहार में मुकेश सहनी के विकासशील इंसान पार्टी के तीन विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी के पास 77 विधायक हो चुके हैं। इसके साथ ही भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर के बयान ने भी सियासी पारा चढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 13 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और वह सभी जल्द ही पार्टी की सदस्यता ले सकते हैं। आपको बता दें कि अभी बिहार में कांग्रेस के पास 19 विधायक हैं। अगर कांग्रेस के विधायक भाजपा में शामिल हुए तो उनके पास 90 विधायक हो जाएंगे। इन्हीं सब समीकरणों के देखते हुए बिहार में भाजपा का सीएम और नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा सुर्खियों में बनी हुई है।

बिहार में बढ़ रही भाजपा विधायकों की तादाद
बिहार में भाजपा के विधायकों की तादाद बढ़ने के बाद यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या भारतीय जनता पार्टी बिहार में मुख्यमंत्री पद पर अपने नेता को बैठाने की तैयारी कर रही है। इन चर्चाओं पर आग में घी डालने का काम भाजपा विधायक विनय बिहारी ने किया है। उन्होंने कहा है कि बिहार में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटा कर भाजपा का मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। वहीं मीडिया से मुख़ातिब होते हुए नीतीश कुमार में इशारों इशारों में राज्यसभा जाने की ख़्वाहिश का इज़हार कर चुके हैं। इसी के बाद से बिहार में संभावनाओं की सियासत को हवा मिल गई है।
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नीतीश कुमार के बयान से चढ़ा सियासी पारा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुछ दिनों पहले एक चैनल से बातचीत के दौरान कहा था कि तीन सदनों के वह सदस्य रह चुके हैं अब सिर्फ राज्यसभा ही बाक़ी है। सीएम नीतीश कुमार के इस बयान ने बिहार की सियासी सरगर्मियां बढ़ा दी हैं। भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर ने वन इंडिया हिंदी से खास बातचीत में बताया कि नीतीश कुमार जहां भी जाएंगे अच्छा करेंगे। भाजपा उनके हर फ़ैसले में उनके साथ खड़ी है। इस मामले में सियासी जानकारों का कहना है कि बिहार में अभी जितनी बयानबाज़ी चल रही है वह ज़मीनी तौर पर मुमकिन होना मुश्किल है। लेकिन राजनीति संभावनों पर ही की जाती है आगे क्या होगा यह कहना थोड़ा मुश्किल है लेकिन फिलहाल ऐसे समीकरण बनते नहीं दिख रहे हैं कि नीतीश कुमार राज्यसभा की तरफ़ रुख करेंगे।
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