Bihar Election: अगर आज हुए विधानसभा चुनाव तो कौन मारेगा बाजी? सर्वे के आंकड़े CM नीतीश की नींद उड़ा देंगे!
Bihar Election 2025 Survey: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राज्य में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। तमाम राजनीतिक दल चुनाव की तैयारियों से लेकर सीट शेयरिंग पर बातचीत कर रहे हैं। साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA और महागठबंधन (RJD, कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दल) में आरपार की लड़ाई है। बिहार विधानसभा के चुनाव इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने की उम्मीद है। एनडीए ने कहा है कि वह नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा।
ऐसे में बिहार को चुनाव को लेकर कई सर्वे भी रहे हैं। सी-वोटर सर्वे में कहा गया है कि अगर इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा आज कराए जाए तो जनता दल (यूनाइटेड) सुप्रीमो नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में वापसी के लिए जनता की पहली पसंद नहीं होंगे। सर्वे के मुताबिक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की रेटिंग में भारी गिरावट आई है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: सर्वे के आंकड़े CM नीतीश को परेशान करने वाले!
सर्वे में सिर्फ 18 फीसदी लोगों ने नीतीश को मुख्यमंत्री के रूप में देखना पसंद किया है। वहीं सर्वे में शामिल 41 प्रतिशत लोग आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। ये सर्वे फरवरी महीने के आखिरी हफ्ते में किए गए थे।
आपको जानकर हैरानी होगी कि 15 फीसदी लोगों ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को सीएम बनाने के लिए वोट किया है। वहीं 8 प्रतिशत ने भाजपा के सम्राट चौधरी को वोट दिया, जबकि 4 प्रतिशत ने एलजेपी (आरवी) अध्यक्ष चिराग पासवान को मुख्यमंत्री के रूप में देखना पसंद किया।
सर्वे में आगे बताया गया कि 58 प्रतिशत लोगों का मानना है कि नीतीश कुमार की विश्वसनीयता बहुत कम हो गई है। 13 प्रतिशत ने कहा कि इसमें कुछ हद तक कमी आई है, जबकि 21 प्रतिशत ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री की विश्वसनीयता में कोई कमी नहीं दिख रही है।
NDA या महागठबंधन? बिहार विधानसभा चुनाव में किसका पलड़ा भारी?
हालांकि सर्वेक्षण में यह नहीं बताया गया कि कौन सी पार्टी कितनी सीटें जीत सकती है, लेकिन नीतीश की लोकप्रियता बहुत उत्साहजनक नहीं लगती। हालांकि, सी-वोटर के एक पहले के सर्वेक्षण, जिसके नतीजे दिल्ली चुनाव के नतीजों के तुरंत बाद आए थे। उसमें कहा गया था कि बिहार में होने वाले चुनाव में एनडीए की जीत फिर से लगभग तय है। हालांकि कितनी सीटों से एनडीए जीत सकती है, इसका अनुमान नहीं लगाया गया था।
पिछले विधानसभा चुनावों में, राजद राज्य की 243 सीटों में से 75 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। 74 सीटों पर पिछड़ने वाली भाजपा ने आखिरकार नीतीश कुमार की जेडी(यू) के साथ मिलकर सरकार बनाई, जिसने 43 सीटें हासिल कीं। 2020 के चुनावों में कांग्रेस ने 19 सीटें जीतीं, जबकि एलजेपी सिर्फ 1 सीट हासिल करने में सफल रही।
बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार क्या होंगे मुद्दे? सर्वे में क्या आया सामने
सर्वे में बताया गया है कि बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार बेरोजगारी मतदाताओं के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बन गई है। 45 प्रतिशत मतदाताओं ने बेरोजगारी को इस चुनाव का प्राथमिक मुद्दा बताया है। इसके अलावा 11 फीसदी लोगों ने महंगाई, 10 फीसदी लोगों ने बिजली, पानी और सड़क को चुनावी मुद्दा बताया है। वहीं किसानों के मुद्दे 4 फीसदी और भ्रष्टाचार को भी 4 फीसदी मुद्दा बताया गया है।
सर्वेक्षण में शामिल 50 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे मौजूदा व्यवस्था से नाराज हैं और बदलाव चाहते हैं, जबकि 22 प्रतिशत लोग नाराज हैं लेकिन उन्होंने कहा कि वे बदलाव नहीं चाहते। दूसरी ओर, सर्वेक्षण में शामिल 25 प्रतिशत लोग न तो नाराज हैं और न ही कोई बदलाव चाहते हैं।












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