Bihar Election 2025: SC ने EC को दिया सख्त आदेश, हटाए गए मतदाताओं की पूरी डिटेल उपलब्ध कराएं
Supreme Court On SIR: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 7 अक्टूबर को चुनाव आयोग (ECI) को बिहार में विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) के दौरान बहिष्कृत मतदाताओं की पूरी जानकारी 9 अक्टूबर तक देने का आदेश दिया। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है, जो 6 नवंबर से शुरू होंगे।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमल्या बागची शामिल थे, बिहार के मतदाता सूची के SIR को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई कर रही थी।

कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने सुनवाई को 9 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया। सुनवाई के दौरान, चुनाव आयोग ने कोर्ट को बताया कि अब तक किसी भी बहिष्कृत मतदाता ने कोई शिकायत या अपील दायर नहीं की है। इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया कि 3.66 लाख बहिष्कृत मतदाताओं का विवरण प्रदान किया जाए, जो हाल ही में संपन्न SIR प्रक्रिया के तहत तैयार अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए थे।
कितने मतदाता हटाए गए
चुनाव आयोग ने 30 सितंबर को बिहार के अंतिम मतदाता सूची जारी की थी। इस सूची में कुल 47 लाख नाम हटाए गए थे, जो SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले मतदाता सूची में थे। इन 47 लाख नामों में से 3.66 लाख नाम को आगे हटाया गया क्योंकि जांच में ये मतदाता पात्र नहीं पाए गए। इस प्रक्रिया के बाद, बिहार की अंतिम मतदाता सूची अब केवल पात्र मतदाताओं पर आधारित है।
चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट किया कि SIR के दौरान बहिष्कृत मतदाताओं से अब तक कोई अपील या शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण विवरण की मांग की है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से अनजाने में बाहर न रहे।
अब आगे क्या होगा?
विशेष गहन संशोधन (SIR) का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में केवल पात्र मतदाता ही शामिल हों और कोई भी फर्जी या अवैध नाम सूची में न रहे। इस प्रक्रिया में मतदाता सूची की सूक्ष्म जांच और संशोधन किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और न्यायिक निगरानी के लिए आयोग को सभी बहिष्कृत नामों का विवरण प्रस्तुत करना आवश्यक है।
चुनाव आयोग को 9 अक्टूबर तक सभी बहिष्कृत मतदाताओं की जानकारी सुप्रीम कोर्ट में जमा करनी होगी।कोर्ट की अगली सुनवाई इसी दिन होगी।
बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में संपन्न होंगे। इस बीच, चुनाव आयोग यह सुनिश्चित कर रहा है कि अंतिम मतदाता सूची पूर्ण और सही हो, ताकि किसी पात्र मतदाता का अधिकार हटा न जाए।
बिहार में SIR प्रक्रिया और बहिष्कृत मतदाताओं की संख्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती यह दर्शाती है कि चुनाव में पारदर्शिता और मतदाता अधिकार की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।












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