Bihar Chunav: गृहमंत्री अमित शाह आज जारी करेंगे NDA का मेनिफेस्टो, तेजस्वी के 'प्रण' का देंगे करारा जवाब
Bihar Chunav NDA Manifesto: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। महागठबंधन द्वारा अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी किए जाने के बाद, अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) भी अपनी पूरी शक्ति के साथ मैदान में उतरने को तैयार है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज पटना में भाजपा के घोषणा पत्र का विमोचन करेंगे।
अमित शाह की यह मौजूदगी न केवल NDA के चुनावी अभियान को धार देगी, बल्कि महागठबंधन के वादों और संभावित उपमुख्यमंत्री पद के ऐलान पर भी NDA की सीधी प्रतिक्रिया को दर्शाएगी। यह घटनाक्रम बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में और भी गरमाहट पैदा करेगा।

NDA का घोषणा पत्र और घटक दल
NDA के घोषणा पत्र जारी करने के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) सहित गठबंधन के सभी घटक दलों के प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे। यह दर्शाता है कि NDA भी एकजुटता का संदेश देने और अपने साझा एजेंडे को जनता के सामने रखने के लिए तैयार है। यह देखना दिलचस्प होगा कि NDA महागठबंधन द्वारा किए जाने वाले वादों का किस प्रकार जवाब देता है और अपने घोषणा पत्र में कौन से नए और आकर्षक वादे शामिल करता है।
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महागठबंधन ने जारी किया 'तेजस्वी प्रण'
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए महागठबंधन ने अपना बहुप्रतीक्षित चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है, जिसका नाम 'तेजस्वी प्रण' रखा गया है। इस घोषणापत्र के कवर पर तेजस्वी यादव की ही तस्वीर है, जो उन्हें महागठबंधन के मुख्यमंत्री (CM) चेहरे के रूप में मजबूती से स्थापित करती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव के साथ पवन खेड़ा, दीपांकर भट्टाचार्य और मुकेश सहनी जैसे प्रमुख नेता भी मौजूद रहे। इस मैनिफेस्टो में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों के कल्याण जैसे मुख्य मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है, जिसे बिहार की चुनावी राजनीति में एक बड़ा दांव माना जा रहा है।
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'तेजस्वी प्रण' के 10 प्रमुख वादे
- अति पिछड़ा अत्याचार निवारण कानून: SC-ST एक्ट की तर्ज पर EBC के लिए भी सख्त अत्याचार विरोधी कानून लाया जाएगा, जिसमें दोषियों को कड़ी सज़ा मिलेगी।
- EBC आरक्षण में बढ़ोतरी: पंचायत और नगर निकाय चुनावों में अति पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 20% से बढ़ाकर 30% किया जाएगा।
- 50% आरक्षण सीमा खत्म करने की मांग: संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग करते हुए, OBC, SC, ST और EBC समुदायों के लिए 50% की आरक्षण सीमा को खत्म करने का वादा किया गया है।
- सरकारी नौकरियों में 'NFS' सिस्टम बंद: 'नॉट फाउंड सुटेबल' (NFS) व्यवस्था को खत्म किया जाएगा, ताकि योग्य उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियों से वंचित न किया जा सके।
- EBC सूची की समीक्षा: अति पिछड़ा वर्ग की सूची की समीक्षा के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा, ताकि वास्तविक ज़रूरतमंदों को लाभ मिल सके।
- भूमिहीन परिवारों को जमीन: भूमिहीन EBC, SC, ST और OBC परिवारों को गाँव में 5 डिसमिल और शहर में 3 डिसमिल जमीन आवंटित की जाएगी।
- निजी स्कूलों में आरक्षण: निजी स्कूलों में आरक्षित सीटों का 50% हिस्सा EBC, SC, ST और OBC बच्चों के लिए आरक्षित होगा।
- सरकारी ठेकों में हिस्सेदारी: ₹25 करोड़ तक के सरकारी टेंडर्स में वंचित वर्गों को 50% हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाएगी।
- प्राइवेट एजुकेशन में आरक्षण: राज्य के निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी आरक्षण लागू किया जाएगा।
- आरक्षण मॉनिटरिंग के लिए स्वतंत्र प्राधिकरण: आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए एक स्वतंत्र प्राधिकरण का गठन होगा, और किसी भी बदलाव के लिए विधानसभा की मंजूरी ज़रूरी होगी।












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