'तेजस्वी में हिम्मत है तो करें बिहार चुनाव का बहिष्कार', चिराग की सीधी चुनौती, बताया किस सीट से लड़ेंगे?
Bihar Election 2025 (Chirag paswan Tejashwi Yadav): बिहार चुनाव की सियासत दिन-ब-दिन गरमाती जा रही है। अब इस सियासी संग्राम में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष पर सीधा हमला बोला है। चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव और कांग्रेस के नेताओं पर तीखी प्रतिक्रिया दी। जब उनसे पूछा गया कि क्या तेजस्वी यादव और राहुल गांधी बिहार विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे, तो उन्होंने कहा, "मैं चैलेंज करता हूं, अगर हिम्मत है तो तेजस्वी चुनाव का बहिष्कार करके दिखाएं। लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि ऐसा करने की ताकत उनमें नहीं है।"
आजतक के मुताबिक चिराग पासवान ने साफ किया कि वे इस बार विधानसभा चुनाव एक सामान्य सीट से लड़ेंगे। उन्होंने कहा, ''मैं पहले भी कह चुका हूं कि हमारी पार्टी एनडीए के साथ मिलकर बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। मैं खुद चुनाव लड़ूंगा और चाहता हूं कि जल्द ही बिहार वापस जाऊं। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी को लेना है।''

तेजस्वी यादव की धमकी-बिहार चुनाव बहिष्कार करूंगा
इससे पहले विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की बिहार SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अगर यह प्रक्रिया वापस नहीं ली गई तो महागठबंधन चुनाव का बहिष्कार करने पर विचार कर सकता है। तेजस्वी ने कहा, "जब पहले इन्हीं वोटरों ने पीएम मोदी को वोट दिया तो कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन अब अचानक SIR की क्या जरूरत आन पड़ी? इससे साफ है कि सत्ता में बैठे लोग खुद मान रहे हैं कि वे पहले छल से सत्ता में आए थे और अब दोबारा वैसा ही करना चाहते हैं।"
तेजस्वी ने आगे कहा कि वे महागठबंधन के सभी नेताओं से इस मुद्दे पर बात करेंगे। उन्होंने EC पर आरोप लगाया कि राज्य को दिल्ली से रिमोट कंट्रोल किया जा रहा है और प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के निर्देशों पर यह प्रक्रिया चलाई जा रही है।
संसद से लेकर विधानसभा तक विरोध
महागठबंधन से जुड़े सांसद पिछले कई दिनों से संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस, RJD, JMM, शिवसेना (UBT) और अन्य दलों के नेता "SIR - लोकतंत्र पर हमला" जैसे बैनर लेकर संसद के मकर द्वार पर जुटे। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव भी दिया, जिसमें इस प्रक्रिया को "संवैधानिक मतदाता सफाई अभियान" बताया गया।
विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार इस प्रक्रिया के जरिए लाखों लोगों को मतदाता सूची से बाहर करने की साजिश कर रही है। इसे बाबा साहब अंबेडकर की उस सोच पर हमला बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने सबको वोट देने का अधिकार देने की बात कही थी।
बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा भले ही अभी नहीं हुई हो, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी और रणनीतिक चालों ने माहौल को पूरी तरह चुनावी बना दिया है। अब देखना ये है कि तेजस्वी वाकई बहिष्कार का फैसला लेते हैं या चिराग पासवान की चुनौती का कोई जवाब देते हैं।












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