Bihar Political Crisis: इस्तीफे की खबरों के बीच राजभवन क्यों पहुंचे बिहार के सीएम नीतीश कुमार?
Bihar Political Crisis, नीतीश कुमार की अगुवाई वाली जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के बीच तल्खी लगातार बढ़ती जा रही है। बिहार में बढ़ी सियासी हलचल के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को राजभवन पहुंचे।
उनके राजभवन पहुंचने को लेकर कई तरह की अटकलें चल रही हैं। हालांकि ऐसा कह जा रहा है कि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजभवन में आय़ोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं।

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पटना स्थित राजभवन पहुंचे। बिहार में राजनीतिक माहौल में गरमाहट के चलते पटना से दिल्ली तक हलचल देखी जा रही है।
पटना से लेकर दिल्ली तक बैठकों का सिलसिला जारी है। खबरें ऐसी भी सामने आई कि, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने कल दिन से रात तक दो बार नीतीश कुमार को मनाने के लिए फोन किया। यहां तक कि. लालू ने उन्हें बाहर से समर्थन देने का भी प्रस्ताव दिया, ताकि विधानसभा भंग करने की नौबत न आए। बिहार के लिए अगले 48 घंटे काफी महत्वपूर्ण हैं।
वहीं दूसरी ओर बिहार में विधायकों के जोड़-तोड़ का गेम भी शुरू हो गया है। बिहार विधानसभा के नंबर गेम की बात करें तो 243 सदस्यों वाले सदन में बहुमत के लिए जरूरी जादुई आंकड़ा 122 विधायकों का है। लालू यादव के नेतृत्व वाली आरजेडी 79 सदस्यों के साथ बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है । महागठबंधन में शामिल कांग्रेस के 19 और लेफ्ट के 16 विधायक हैं।आरजेडी, कांग्रेस और लेफ्ट, तीनों के विधायकों की संख्या जोड़ लें तो कुल सदस्य संख्या 114 पहुंचती है। इसके बाद भी आठ विधायक कम हैं।
अभी तक आरजेडी ने जोड़-तोड़ से 120 विधायकों का बंदोबस्त कर लिया है, जिसमें एआईएमआईएम का एक, निर्दलीय एक और जीतन राम मांझी की पार्टी हम (से) के चार विधायकों पर आरजेडी की नजर है। इस तरह उसके पास 120 विधायक होते हैं। फिर भी दो की कमी हो रही है। विधानसबा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी आरजेडी कोटे के हैं। लालू यादव एक्टिव मोड में हैं। आरजेडी की ओर से जोड़तोड़ की कोशिशें तेज हो गई हैं और पार्टी हर वह दांव आजमा रही है।












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