Bihar Chunav: खान ब्रदर्स की गिरफ्तारी से रघुनाथपुर की बदली हवा, RJD या BJP में से किसका गेम बिगाड़ेंगे?
Bihar Chunav: बिहार विधानसभा चुनाव में हर बार सिवान के रघुनाथपुर की सीट बेहद खास होती है। मुस्लिम-यादव बहुल यह इलाका एक दौर में आरजेडी का गढ़ था। यहीं से शहाबुद्दीन चुनाव लड़ा करते थे। इस बार उनके बेटे ओसामा को टिकट मिलना तय है। हालांकि, शहाबुद्दीन के कट्टर दुश्मन माने जाने वाले रईस खान उर्फ खान ब्रदर्स इस बार यहां से चुनाव की तैयारी कर रहे थे।
अब उनकी गिरफ्तारी ने विधानसभा के सियासी समीकरणों को उलझा दिया है। माना जा रहा है कि खान ब्रदर्स अगर चुनाव नहीं लड़ते हैं, तो मुस्लिम वोटों में बिखराव की संभावना नहीं रहेगी। इससे आरजेडी उम्मीदवार ओसामा को सीधे तौर पर लाभ हो सकता है।

Khan Brothers के नाम का रहा है सिवान में जलवा
सिवान में खान ब्रदर्स के नाम से मशहूर अयूब खान और रईस खान की गिनती इलाके के सबसे बड़े दंबग के तौर पर होती है। दोनों के ऊपर पहले से कई आपराधिक मुकाबले दर्ज हैं। दोनों हत्या के एक मामले में जेल भी जा चुके हैं। अब एसटीएफ ने अवैध हथियार रखने समेत कई और आरोपों में रईस खान को अरेस्ट किया गया है।
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रईस खान की गिरफ्तारी से बदलेगा Raghunathpur का सियासी समीकरण
रईस खान ने इसी साल चिराग पासवान की मौजूदगी में एलजेपी (रामविलास) की सदस्यता ली है और वह रघुनाथपुर से चुनाव लड़ने के लिए तैयारी कर रहे थे। शहाबुद्दीन से उनकी अदावत दशकों पुरानी थी और ओसामा के सामने अगर वह चुनाव लड़ते, तो मुस्लिम वोटों का बंटवारा होना तय था।
हालांकि, अब उनकी गिरफ्तारी के बाद से इस बात पर संशय है कि वह चुनाव लड़ेंगे। ऐसे में अगर एलजेपी की ओर से खान ब्रदर्स के परिवार के सदस्यों या किसी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट मिलता है, तो फिर से मुस्लिम वोटों में बंटवारे की संभावना बन सकती है। हालांकि, सियासी समीकरणों में कितना बदलाव होता है, यह उम्मीदवारों के ऐलान और चुनाव नतीजे आने के बाद ही समझ आएगा।
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BJP बना सकती है मनोज सिंह को कैंडिडेट
अगर रघुनाथपुर की सीट एलजेपी के खाते में नहीं जाती है, तो इस बात की संभावना है कि मनोज सिंह को यहां से बीजेपी उतार सकती है। सिंह फिलहाल कोऑपरेटिव के अध्यक्ष हैं और इलाके के चर्चित प्रभावशाली हस्तियों में से एक हैं। दिलचस्प बात यह भी है कि शहाबुद्दीन के बेटे को यहां से आरजेडी अपना उम्मीदवार बनाएगी और मनोज सिंह इसी सीट से अपने लिए टिकट मांग रहे हैं।
मनोज सिंह और शहाबुद्दीन एक दौर में सबसे गहरे दोस्त थे और आज भी दोनों के परिवारों के बीच अच्छे संबंध हैं। इस सीट से एलजेपी भी अपनी दावेदारी ठोंक रही है और अगर यह चिराग पासवान के खाते में जाती है, तो मनोज सिंह को टिकट नहीं मिल सकेगा। हालांकि, खान ब्रदर्स की गिरफ्तारी के बाद इसकी संभावना बन रही है कि यह सीट बीजेपी के खाते में जा सकती है।
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