Bihar Politics: 'वो ईमानदार'— NDA में रहते हुए चिराग की PK के लिए हमदर्दी, क्या बदल रहा बिहार का सियासी गणित
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में इन दिनों एक दिलचस्प समीकरण बनता नजर आ रहा है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति में एक "ईमानदार भूमिका" निभा रहे हैं और जो भी जाति, धर्म और पंथ से ऊपर उठकर सिर्फ राज्य के भविष्य की बात करता है, उसका स्वागत है। उन्होंने ये भी कहा कि प्रशांत किशोर उनके अच्छे दोस्त हैं।
'बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' को लेकर कोई टकराव नहीं
जब चिराग पासवान से पूछा गया कि क्या प्रशांत किशोर ने उनके 'बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' नारे को हाईजैक किया है, तो उन्होंने साफ कहा कि कोई किसी का एजेंडा हाइजैक नहीं कर सकता। चिराग ने इसे लोकतंत्र की खूबसूरती बताते हुए कहा कि हर किसी के पास अपनी बात रखने और लोगों को प्रभावित करने का अधिकार है।

चिराग ने कहा कि अगर किसी को उनका M-Y समीकरण (महिला और युवा) पसंद आता है तो वह उनके साथ आए, किसी को प्रशांत किशोर का एजेंडा समझदारी लगता है तो वह उनका समर्थन करे। लोकतंत्र में विकल्प का होना बेहद जरूरी है।
प्रशांत किशोर पर नरम रुख क्यों?
मीडिया सूत्रों के मुताबिक चिराग पासवान की पार्टी में कोई भी प्रवक्ता या नेता सार्वजनिक मंच पर प्रशांत किशोर के खिलाफ कुछ नहीं कहता दिख रहा है। वहीं प्रशांत किशोर ने भी कई मौकों पर चिराग की तारीफ की है। यह संयोग नहीं, बल्कि एक रणनीति प्रतीत होती है। ऐसा लगता है कि चिराग ने पार्टी के नेताओं को इस मुद्दे पर चुप रहने का स्पष्ट निर्देश दे रखा है। यह संकेत है कि चिराग और प्रशांत किशोर के बीच किसी न किसी स्तर पर संवाद या सामंजस्य जरूर बन रहा है। हालांकि इसकी कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं है।
नीतीश कुमार पर तीखे सवाल, NDA में रहते हुए भी विरोध
गौर करने वाली बात यह है कि चिराग पासवान, NDA में शामिल होने के बावजूद, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर लगातार हमलावर रहे हैं। गोपाल खेमका मर्डर केस और कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या जैसे मामलों में उन्होंने बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। यह उनके उस पुराने रुख की याद दिलाता है जब 2020 विधानसभा चुनाव में उन्होंने अकेले दम पर जदयू को टक्कर दी थी और नीतीश को सीधे निशाने पर लिया था।
क्या नए सियासी समीकरण की जमीन तैयार हो रही है?
अब जब चिराग पासवान खुले तौर पर प्रशांत किशोर की तारीफ कर रहे हैं, और उनके विरोध में एक शब्द नहीं बोल रहे हैं, तो सवाल उठना लाजिमी है कि क्या बिहार की राजनीति में कोई नया गठबंधन पक रहा है? क्या ये NDA के अंदर की असहमति को दिखाता है? या फिर चिराग खुद को भविष्य के लिए एक वैकल्पिक चेहरा बनाने की कोशिश में हैं, जिसमें प्रशांत किशोर जैसा रणनीतिकार सहयोगी हो सकता है?
बिहार की राजनीति कभी भी स्थिर नहीं रही। यहां समीकरण जितनी तेजी से बनते हैं, उतनी ही तेजी से बदलते भी हैं। लेकिन चिराग पासवान और प्रशांत किशोर के बीच बढ़ती निकटता, नीतीश कुमार के खिलाफ तीखे तेवर और NDA के भीतर गूंजती असहमति की आवाजें यह संकेत जरूर देती हैं कि बिहार की सियासत में कोई नई खिचड़ी पक रही है -बस इसमें कौन-कौन सी "सब्ज़ियां" शामिल होंगी, यह देखना अभी बाकी है।












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