Bihar Chunav Exit Poll 2025: इस एग्जिट पोल ने सभी सीटों के जारी किए नतीजे, जानें कौन कहां जीत रहा?
Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के एग्जिट पोल के नतीजे आ चुके हैं।अधिकांश एग्जिट पोल में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए को बहुमत का आंकड़ा पार कर बिहार की सत्ता में वापसी दिखाई गई है। वहीं, तेजस्वी यादव के प्रतिनिधित्व में महागठबंधन को 100 से भी कम सीट मिलने की भविष्यवाणी की है।
वहीं इन एगिजट पोल में बिहार में प्रशांत किशोर की जन सुराज, तेज प्रताप यादव की जेजेडी, पशुपति पारस की रालोजपा और मायावती की बसपा जैसी पार्टियों को फेल होने की भविष्यवाणी की है। इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी भी सीमांचल में कमाल करती नजर नहीं आई।

AI Politics-News Pinch ने बिहार की अधिकांश सीट का विस्तृत एग्जिट पोल जारी किया है। हालांकि AI Politics-News Pinch के एग्जिट पोल के नतीजे सर्वे पर आधारित हैं अंतिम चुनाव परिणाम 14 नवंबर को वोटिंग के बाद आएगा। जी न्यूज ने इस सर्वे की सीटवार सीटों के लिए जारी की भविष्यवाणी को प्रकाशित किया है। आइए जानते हैं कि इस एग्जिट पोल के अनुसार, कौन सी सीट किस पार्टी के खाते में जा रही है।
मधेपुरा की सीटें
मधेपुरा जिले की बात करें तो आलमनगर, बिहारीगंज, सिंहेश्वर और मधेपुरा सीटें महागठबंधन (वीआईपी/राजद) के खाते में जाती दिख रही हैं।
कटिहार जिले की विधानसभा सीटें
कटिहार जिले में कटिहार, प्राणपुर और कोढ़ा सीटें एनडीए (बीजेपी) के पाले में दिख रही हैं, जबकि कदवा, बलरामपुर, मनिहारी और बरारी महागठबंधन (कांग्रेस/भाकपा-माले) को मिल सकती हैं।
पूर्णिया जिले की सीटें
पूर्णिया जिले में बनमनखी और पूर्णिया सदर एनडीए (बीजेपी) को जाती दिख रही हैं। अमौर, कस्बा, रुपौली और धमदाहा पर महागठबंधन (कांग्रेस/राजद) का कब्जा हो सकता है, वहीं बायसी में अन्य उम्मीदवार को बढ़त मिली है।
किशनगंज जिले की सीटें
किशनगंज जिले में बहादुरगंज, ठाकुरगंज और कोचाधामन महागठबंधन (कांग्रेस/राजद) के पक्ष में हैं, जबकि किशनगंज सीट एनडीए (बीजेपी) को मिलती दिख रही है।
अररिया जिले की सीटें
अररिया जिले की नरपतगंज, फॉरबिसगंज और सिकटी सीटें एनडीए (बीजेपी) के खाते में जा रही हैं। रानीगंज, अररिया और जोकीहाट महागठबंधन (राजद/कांग्रेस) को मिलती दिख रही हैं।
सुपौल जिले की सीटें
सुपौल जिले में पिपरा एनडीए (जेडीयू) के पास जा सकती है। निर्मली, सुपौल, त्रिवेणीगंज और छातापुर सीटें महागठबंधन (राजद/कांग्रेस) के पक्ष में हैं।
सीतामढ़ी जिले की सीटें
सीतामढ़ी जिले में रीगा, बथनाहा, परिहार और सीतामढ़ी सीटें एनडीए (बीजेपी) को मिल रही हैं। वहीं सुरसंड, बाजपट्टी, रुन्नीसैदपुर और बेलसंड महागठबंधन (राजद) के खाते में जाती दिख रही हैं।
मधुबनी जिले की सीटें
मधुबनी जिले में हरलाखी, बाबूबरही, मधुबनी, फुलपरास और लौकहा पर महागठबंधन (सीपीआई/राजद/कांग्रेस) का कब्जा दिख रहा है। बेनीपट्टी, खजौली, बिस्फी, राजनगर और झंझारपुर एनडीए (बीजेपी) के पाले में जा सकती हैं।
शिवहर जिले की सीट
शिवहर जिले की एकमात्र शिवहर सीट महागठबंधन (राजद) को मिलती दिख रही है।
पूर्वी चंपारण जिले की सीटें
पूर्वी चंपारण जिले में रक्सौल, हरिसिद्धि, पिपरा, मधुबन, मोतिहारी, चिरैया और ढाका एनडीए (बीजेपी) के खाते में जा रही हैं। गोविंदगंज एनडीए (लोजपा-आर) को और केसरिया महागठबंधन (वीआईपी) को मिल सकती हैं। नरकटिया और कल्याणपुर महागठबंधन (राजद) के पाले में दिख रही हैं। सुगौली में अन्य को बढ़त मिली है।
पश्चिम चंपारण जिले की सीटें
पश्चिम चंपारण जिले की रामनगर, नरकटियागंज, बगहा, लौरिया, नौतन, चनपटिया और बेतिया सीटें एनडीए (बीजेपी) के खाते में जाती दिख रही हैं। सिकटा एनडीए (जेडीयू) को मिल सकती है, जबकि वाल्मिकीनगर महागठबंधन (कांग्रेस) के पक्ष में है।
गोपालगंज जिले की सीटें
गोपालगंज जिले में बैकुंठपुर, गोपालगंज और कुचायकोट एनडीए (बीजेपी/जेडीयू) को मिल रही हैं। भोरे भी एनडीए (जेडीयू) के पास जा सकती है। बरौली और हथुआ सीटें महागठबंधन (राजद) के खाते में दिख रही हैं।
सीवान जिले की सीटें
सीवान जिले में सीवान, जिरादेई, दरौली, दरौंदा और गोरियाकोठी सीटें एनडीए (बीजेपी/जेडीयू/लोजपा-आर) के खाते में जा रही हैं। रघुनाथपुर, बड़हड़िया और महाराजगंज महागठबंधन (राजद) को मिल सकती हैं।
अभी सभी सीटों के एग्जिट पोल के आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं।












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