Bihar Chunav 2025: 'मोदी से मोहब्बत, नीतीश से नाराजगी'-क्या चिराग पासवान फिर से 2020 वाले मोड में हैं?
Bihar Election 2025 (Chirag Paswan): बिहार में चुनावी बिगुल बज चुका है और राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। इसी बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान फिर से सुर्खियों में हैं। एक तरफ वो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर खुलेआम सवाल उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग लिखने लगे हैं कि 'मोदी से मोहब्बत, नीतीश से नाराजगी' आखिर चिराग पासवान के मन में क्या चल रहा है?
नड्डा से मुलाकात और बिहार की चिंता
चिराग पासवान ने 17 जुलाई को सोशल मीडिया पोस्ट कर जानकारी दी कि उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने ट्वीट किया कि इस बैठक में बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने लिखा, "बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर आज बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा जी से मुलाकात कर अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।"

लेकिन कुछ ही घंटों बाद चिराग ने वही तेवर दिखाए जो 2020 के विधानसभा चुनाव में देखने को मिले थे। उन्होंने बिहार में बढ़ते अपराध और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। और ये पहली बार नहीं है, इससे पहले भी इसी महीने में चिराग पासवान नीतीश कुमार की सरकार को लेकर नाराजगी जता चुके हैं।
'बिहार पुलिस का ध्यान बेवजह के बयानों पर ज्यादा है'
पटना के एक नामी अस्पताल 'पारस' में हुई गोलीबारी की घटना को लेकर चिराग ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, ''बिहार पुलिस के ADG हेडक्वार्टर कुंदन कृष्णन का बयान अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे अन्नदाता किसानों को अपरोक्ष रूप से हत्यारा बताना न सिर्फ उनके मान-सम्मान का अपमान है बल्कि उनके त्याग और परिश्रम का भी अनादर है। अपराधियों पर शिकंजा कसने के बजाय बिहार पुलिस का ध्यान बेवजह के बयानों पर ज्यादा है, जो बेहद चिंताजनक है। प्रशासन को अपनी प्राथमिकता स्पष्ट करनी चाहिए।''
अपने एक अन्य पोस्ट में चिराग ने कहा,
''बिहार में कानून व्यवस्था आज एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। प्रतिदिन हत्याएं हो रही है , अपराधियों का मनोबल आसमान पर है। पुलिस - प्रशासन की कार्यशैली समझ से परे है। आज पटना के रिहायशी इलाके में स्थित पारस अस्पताल के अंदर घुसकर अपराधियों द्वारा सरेआम गोलीबारी की घटना इस बात का प्रमाण है कि अपराधी अब कानून और प्रशासन को सीधी चुनौती दे रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बढ़ते अपराधिक मामले चिंताजनक है। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ठोस और कड़े कदम उठाएगी।''
चिराग के निशाने पर नीतीश!
यह तीसरा मौका है जब जुलाई महीने में चिराग ने कानून-व्यवस्था को लेकर नीतीश सरकार को घेरा है। इससे पहले वो एक 60 वर्षीय महिला की हत्या पर भी भड़के थे और ट्वीट किया था, "आखिर कितने बिहारी मारे जाएंगे? बिहार पुलिस की जिम्मेदारी आखिर है क्या?" चिराग की इस आक्रामकता से एनडीए के अंदर खलबली मच गई है, खासकर जेडीयू खेमा असहज महसूस कर रहा है।
243 सीटों पर लड़ने का दावा और 'नई भूमिका' की तैयारी
चिराग पासवान ने हाल में दावा किया कि वो बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार हैं। हालांकि उन्होंने ये कभी नहीं कहा कि उनकी पार्टी अकेले 243 सीट पर चुनाव लड़ेगी। लेकिन ये वही स्टाइल है जो उन्होंने 2020 में अपनाया था, जब उन्होंने अकेले चुनाव लड़कर जेडीयू को बड़ा नुकसान पहुंचाया था। इस बार भी चिराग का रुख साफ है-"मोदी से मोहब्बत, नीतीश से नाराजगी।"
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है, "चिराग जिस तरह लगातार बिहार के मुद्दों पर बोल रहे हैं, उससे साफ है कि वो खुद को बिहार की राजनीति में अगला नीतीश कुमार बनाने की दिशा में देख रहे हैं।"
आखिर क्या है चिराग पासवान के मन में? क्या वो NDA से अलग हैं? खुद दिया जवाब
टाइम्स नाऊ को दिए इंटरव्यू में चिराग पासवान बोले,
''मैं NDA से अलग नहीं हूं। हमारे बीच में अभी कोई दरार नहीं है। मैं क्यों बिहार में NDA के खिलाफ लडूंगा? किसने ये बात कही है कि मैं बिहार में NDA से अलग चुनावी मैदान में उतरने वाला हूं। मैं इस साल 2020 का चुनाव नहीं लड़ा रहा हूं...उस वक्त भी मैं 243 सीटों पर नहीं 137 सीटों पर चुनाव लड़ा था। भाजपा के उम्मीदवारों के सामने मैंने अपने प्रत्याशी नहीं उतारे थे। उस वक्त मुझे गठबंधन में किनारा किया जा रहा था। इसलिए मैं उस वक्त और वर्तमान सीएम (नीतीश कुमार) को लेकर कई बातें कही थीं। लेकिन आज स्थिति बदल गई है। सीएम वही हैं, लेकिन अब गठबंधन के भीतर मेरी बातों को सुना जा रहा है। जो परेशानी उस वक्त थी, वो आज सुनी जा रही है।''
चिराग पासवान बोले- मैंने कब अकेले 243 सीटों पर लड़ने की बात की है
चिराग पासवान ने कहा,
''मैंने अकेले 243 सीटों लड़ने की बात नहीं की है। मैं क्या सिर्फ उन्ही सीटों पर फोकस करूं, जो मुझे 30-34 सीटें दी जाएगी। मेरे गठबंधन में होने का मतलब यही है कि जो मेरे समर्थक हैं या जो मेरे वोटर हैं, वो मेरे गठबंधन को भी सपोर्ट करें। मैं अपने गठबंधन को उन सीटों पर जिताने में मदद कर सकता हूं, जहां वो 10-15 हजार वोटों से हार रहे हों।''
विधानसभा में उतरेंगे चिराग, लेकिन किस सीट से?
यह पहला मौका होगा जब चिराग पासवान विधानसभा चुनाव में सीधे उतरेंगे। उन्होंने साफ किया है कि वह किसी सामान्य (जनरल) सीट से चुनाव लड़ेंगे। बता दें कि उनकी पार्टी ने 2020 में भले ही सिर्फ एक सीट जीती थी, लेकिन जेडीयू को दर्जनों सीटों पर हरवा दिया था।
बिहार की राजनीति एक बार फिर गर्म है और चिराग पासवान की भूमिका बेहद दिलचस्प होती जा रही है। वो न सिर्फ एनडीए का हिस्सा बने रहना चाहते हैं, बल्कि खुद को मुख्यमंत्री पद की रेस में भी देखने लगे हैं। ऐसे में आने वाले हफ्तों में चिराग के बयान और रणनीति बिहार चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। क्या चिराग पासवान वाकई 2020 दोहराने की तैयारी में हैं? क्या नीतीश कुमार को फिर से उनके तेवरों का सामना करना पड़ेगा? राजनीति के इस रंगमंच पर अगले दृश्य का इंतजार सभी को है।












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