Bihar News: पहला राज्य बना बिहार जहां भारत सरकार कराएगी स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग, जानिए किसे होगा फ़ायदा
Bihar News: भारत सरकार ने बिहार में कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किया है, जिससे बिहार इस पहल से लाभान्वित होने वाला पहला राज्य बन गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करना है, ताकि बच्चों को प्रभावी ढंग से शिक्षित करने की उनकी क्षमता में वृद्धि हो। पटना में स्कूल और बाल कल्याण संघ ने कौशल भारत कार्यक्रम के शुभारंभ की मेज़बानी की।
शामिल प्रमुख व्यक्ति और संगठन: आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने एमईपीएससी के सीईओ कर्नल अनिल कुमार पोखरियाल और पीएएसवीए के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद के साथ मिलकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। अन्य उल्लेखनीय उपस्थित लोगों में सेंट माइकल हाई स्कूल के फादर क्रिस्टी और सेंट जेवियर्स हाई स्कूल के फादर डोमिनिक शामिल थे।

कार्यक्रम का संचालन एसोसिएशन की राष्ट्रीय सचिव फौजिया खान ने किया। कर्नल अनिल कुमार पोखरियाल ने बताया कि बिहार इस पहल में अग्रणी है, जहां निजी स्कूलों के एक लाख शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। फादर क्रिस्टी और फादर डोमिनिक ने छात्रों के लाभ के लिए अपने-अपने संस्थानों में शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर: कार्यक्रम के दौरान स्किल डेवलपमेंट ऑफ इंडिया और प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता पटना में 400 से अधिक स्कूल संचालकों के सामने हुआ। शमायल अहमद ने नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षक प्रशिक्षण को लागू करने के फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की।
अहमद ने निजी स्कूल संचालकों को भी प्रोत्साहित किया कि वे अपने शिक्षकों को रियायती दरों पर यह प्रशिक्षण दिलवाएं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस पहल का उद्देश्य बिहार और पूरे देश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
स्वीकृतियां और पुरस्कार: कटियार के मदन लाल मंडल को शिक्षा के क्षेत्र में उनके 50 वर्षों के योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, नालंदा लर्निंग को स्किल डेवलपमेंट ऑफ इंडिया द्वारा शिक्षक प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के लिए अधिकृत किया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए कई लोगों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इनमें दिल्ली से संतोष साहा, निजामुद्दीन अहमद, एनएसडीसी से भावना वर्मा, नालंदा लर्निंग के सीईओ तमाल मुखर्जी, अनिल राणा, ग्लोबल गार्नर से विकास रावत, एकेडली के सह-संस्थापक यश प्रकाश और ऋषि अग्रवाल, डॉ. श्याम नारायण कुमार, डॉ. देवानंद झा आदि शामिल थे।
कार्यक्रम का समापन एक समारोह के साथ हुआ, जिसमें अतिथियों का स्वागत फौजिया खान ने किया। वहीं लोगों ने कहा कि यह पहल बिहार में कौशल विकास के माध्यम से शैक्षिक मानकों को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।












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