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नीतीश पर बदला जुमला!: “ऐसा कोई सगा नहीं जिसने नीतीश को ठगा नहीं”

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नीतीश पर बदला जुमला: कोई सगा नहीं जिसने नीतीश को ठगा नहीं

“ऐसा कोई सगा नहीं जिसको नीतीश ने ठगा नहीं”- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए यह जुमला लालू प्रसाद ने कभी कहा था। खुद लालू प्रसाद 2015 में पलटी खा गये थे। मतलब ये कि नीतीश को सगा बता गये थे। 2017 आते-आते वही जुमला ज़िन्दा हो गया, मगर अब बोलने लायक स्थिति नहीं बची थी। 15 साल बिहार में शासन कर लेने के बाद एक नया जुमला चरितार्थ होता दिख रहा है। 2020 के विधानसभा चुनाव के बाद ऐसी स्थिति बन रही है जब कहा जा सकता है कि “ऐसा कोई सगा नहीं, जिसने नीतीश कुमार को ठगा नहीं”। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की खुलती गांठ से बात शुरू करें तो बीजेपी और जेडीयू चुनाव तो साथ लड़ रहे हैं लेकिन नीतीश कुमार को हर तरफ से धोखा मिल रहा है। अपने तो साथ छोड़ ही रहे हैं, बागी भी हो रहे हैं।

हर तरफ से नीतीश को धोखा

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    मुन्ना शुक्ला जैसे बाहुबली भी बाहें झटकते दिख रहे हैं जिनका पूरा करियर नीतीश कुमार ने संवारा। बदनामी मोल ली। रामेश्वर चौरसिया, श्याम रजक, रेणु कुशवाहा...एक से बढ़कर एक नाम हैं जो साथ छोड़ चुके हैं। बगावत बीजेपी में भी है। मगर, बीजेपी ने उसका तोड़ ढूंढ़ निकाला। सारे बागी लोकजनशक्ति पार्टी के टिकट से चुनाव लड़ रहे हैं जिसके बारे में खुद एलजेपी नेता चिराग पासवान कह रहे हैं कि बीजेपी के साथ मिलकर वे बिहार में सरकार

    बनाने जा रहे हैं। कहने का मतलब यह है कि नीतीश कुमार सगे के हाथों ही ठगे जा रहे हैं।

    नीतीश पर बदला जुमला: कोई सगा नहीं जिसने नीतीश को ठगा नहीं

    नीतीश कुमार का आधार वोट भी खिसका!

    नीतीश कुमार का आधार वोट भी उनसे दूर होता दिख रहा है। स्थिति यह है कि 115 उम्मीदवार घोषित किए गये हैं। उनमें MY यानी मुस्लिम-यादव उम्मीदवारों की संख्या 30 है। आरजेडी के वोट बैंक में यह सेंधमारी का प्रयास है या कि अपने ही वोट बैंक पर उठता भरोसा?- यह विश्लेषण करने वाला सवाल है। 10 भूमिहार और 7 राजूपत समेत 19 सवर्णों को नीतीश कुमार ने टिकट दिया है। मगर, सवर्ण जातियों की पहली पसंद बीजेपी है। अगर बीजेपी का कोई बागी उम्मीदवार मैदान में होगा, तो इनकी निष्ठा नीतीश कुमार के लिए बनी रहेगी, कहना मुश्किल है। यह स्थिति जेडीयू और बीजेपी के बीच अंदरखाने खिंची तलवार का नतीजा है।

    नीतीश पर बदला जुमला: कोई सगा नहीं जिसने नीतीश को ठगा नहीं

    कुर्मी तो साथ हैं कुशवाहा रहेंगे साथ?

    नीतीश कुमार खुद जिस कुर्मी समुदाय से आते हैं उससे 12 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारा है। यहां उनकी मजबूत पकड़ बनी हुई है। वहीं कुशवाहा जाति से उन्होंने 15 उम्मीदवार दिए हैं। मगर, उपेंद्र कुशवाहा के प्रति लामबंद यह जाति नीतीश कुमार का साथ देगी इसमें संदेह है।

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    दलितों के झुकाव पर भी संदेह

    दलित समुदाय के लिए 17 सीटें जेडीयू ने रखी हैं। मगर, सुरक्षित सीटों पर दलित उम्मीदवारों की लड़ाई दलित उम्मीदवार से ही होगी। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि जीतन राम मांझी के जेडीयू के साथ आ जाने के बाद क्या दलित भी मान गये हैं? या फिर, दलित चिराग पासवान के साथ गोलबंद रहने वाले हैं। नीतीश के लिए अगर आशंकाएं सही साबित होती हैं तो यह जुमला गुनगुनाना ही पड़ेगा कि “ऐसा कोई सगा नहीं जिसने नीतीश को ठगा नहीं।“ ऐसा हुए बगैर नीतीश कुमार कुर्सी से बेदखल भी नहीं हो सकते थे।

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    English summary
    Bihar assembly elections 2020: Proverb changed into there is none who did not cheat to Nitish Kumar
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