Bhagalpur News: 5 साल पहले युवती ने रचाया था प्रेम विवाह, अब मिला पति से धोखा, इंसाफ़ की आस में पीड़िता
Bhagalpur me gharelu hinsa: बिहार के विभिन्न ज़िलों से प्रेम विवाह रचाने के बाद घरेलू हिंसा की खबर सामने आ रही है। ताज़ा मामला बिहार के भागलपुर ज़िले का है, जहां एक महिला ने अपने पति पर दहेज़ प्रताड़ना और घर से बेदखल करने का आरोप लगाया है। महिला ने बताया कि 5 साल पहले उसके ममेरे भाई ने प्रेम जाल में फंसाया और शादी रचाई। शादी के करीब 1 साल बाद ही पति और ससुराल वालों ने मिलकर मायके जाने का दवाब बनाने लगे।
महिला का आरोप है कि शादी के बाद बेटा होने के बाद उसके पति और ससुराल के लोगों ने घर से बेदखल कर मायके भेज दिया था। करीब 5 साल से वह इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है। इस्लामनगर (सुलतानगंज) निवासी मोहम्मद नसीम अंसारी की बेटी नेहा खातून की 6 साल पहले शादी हुई थी।

बिहपुर के रहने वाले मोहम्मद मुजीब उर रहमान के बेटे मोहम्मद शहबाज़ के साथ उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों परिवार शादी के लिए राज़ी नहीं थे, इसके बाद नेहा और शहबाज़ ने अपनी मर्ज़ी से शादी रचा ली। पीड़ित महिला ने कहा कि शादी के 1 साल बाद से ही ससुराल के लोगों ने दहेज़ की डिमांड करने लगे।
नेहा का आरोप है कि जब वह 3 महीने की गर्भवती थी, तभी से उसके साथ ससुराल के लोग मारपीट करने लगे थे। महिला ने कहा कि उसके जेठ और देवर ने गला में फंदा डालकर जान से मारने की कोशिश के भी थी। इस घटना के बाद ही वह अपने मायके चली इस्लामनगर चली गई। पति किसी भी सूरत में नेहा और उसके बच्चे को साथ रखने के लिए तैयार नहीं है।
नेहा के पिता नसीम अंसारी ने कहा कि वह टोटो ड्राइव कर परिवार का गुज़ारा करते हैं। बेटी के ससुराल वालों की बदसलूकी से काफी परेशान हूं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद बेटी और उसके 5 साल के बच्चे को पाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेटी के ससुराल वालों की सारी डिमांड पूरी करेंगे, लेकिन डर है कि पैसे देने के बाद कहीं वह लोग मेरी बेटी की हत्या ना कर दे।
आपको बता दें कि पीड़ित परिजन ने 5 साल पहले कोर्ट के ज़रिए लिखित आवेदन दिया था, लेकिन पीड़ित परिवार का कहना है कि इस आवेदन पर अभी कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। हाल ही में थाने में भी आवेदन देकर आए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुए। मामले की पूछताछ करने पर थाना के लोग गोलमटोल जवाब देकर टाल जाते हैं।
पीड़ित नेहा ने मामले के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर मोहम्मद सईद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नेहा ने कहा कि जब भी वह थाने में फरियाद लेकर जाती है तो आईओ उसे फटकार लगाते भगा देता है। इंसाफ के लिए पीड़ित परिवार ने वरीय पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार के दफ्तर का रुख किया और एसएसपी से इंसाफ दिलाने की मांग की है।












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